This article is written by my astro colleague and sharing as its written. This is in Hindi, as time permits I will add english version.

Check out my design…for costing and how best to use with Mantra to chant please drop me an email.

🔯शास्त्रों का कथन है कि श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना शुरू हो जाता है।

✡श्री यंत्र का उपयोग (How to Use Shree Yantra)

श्री यंत्र की पूजा के लिए लक्ष्मी जी के बीज मंत्र “ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊं महालक्ष्मै नम:” का प्रयोग करें।

🙏🏻श्री यंत्र की आराध्या देवी श्री त्रिपुरा सुन्दरी देवी मानी जाती हैं। पौष मास की सक्रांति के दिन और वह भी रविवार को बना हुआ श्री यंत्र बेहद अद्भुत व सर्वोच्च फल देने वाला होता है, लेकिन ऐसा ना होने पर आप किसी भी माह की संक्रांति के दिन या शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन इस यंत्र का निर्माण कर सकते हैं। यह यंत्र ताम्रपत्र (तांबे की प्लेट), रजत-पत्र या स्वर्ण-पत्र पर ही बना होना चाहिए।

🔯श्रीयंत्र के प्रभाव के बारे मे एक और पौराणिक कथा है। माना जाता है कि एक बार लक्ष्मीजी पृथ्वी से दुखी होकर बैंकुठ चली गई। फलस्वरूप पृथ्वी पर अनेक समस्याएं पैदा हो गईं। तब महर्षि वशिष्ठ ने विष्णु की सहायता से लक्ष्मी को मानने के प्रयास किए, लेकिन विफल रहे। फिर वे देवगुरु बृहस्पति के मनाने पर तुरंत पृथ्वी पर लौट आईं और कहा श्रीयंत्र ही मेरा आधार है और इसमें मेरी आत्मा निवास करती है। इसलिए मुझे आना ही पड़ा। माना जाता है कि श्रीयंत्र की विधिवत पूजा करने से सुख और मोक्ष प्राप्त होता है। इसकी आराधना पूर्व दिशा की ओर मुंह रखकर करना चाहिए। तब आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी।

✡श्री यंत्र को सबसे महान और सर्वाधिक फल देने वाला यंत्र माना जाता है। कई लोग श्री यंत्र को लक्ष्मी यंत्र भी मानते हैं। धार्मिक मान्यतानुसार श्री यंत्र के पूजन से धन आगमन के रास्ते खुलते हैं।

🔯श्री यन्त्र की रचना त्रीकोण को मिला कर ही की गई हे और त्रीकोण के निचे वाला भाग भी त्रीकोण के सयोजन से ही बना हे जो की चोकोर होता हे सभी त्रीकोण को मिला कर बात करे तो ४३ त्रीकोण होते हे और सभी त्रीकोण को २ कमल घेरे हुए होते हे जिसमे पहला कमल अष्टदल का होता हे और दूसरा षोडशदाल का होता हे कमल और त्रीकोण के बिच दो वृत होते हे

✡अगर हम बात करे सभी यंत्रो की तो सभी यन्त्र अलग अलग कार्यो के लिए बनाए गए हे जिसमे से श्री यन्त्र सबसे ज्यादा शक्ति शाली हे श्री यन्त्र में सभी समा गए हे

🔯श्री यन्त्र एक मात्र ऐसा यन्त्र है जो सम्पूर्ण पृथ्वी पर सर्वत्र पाया जाता है किसी न किसी रूप में |अभी हाल ही में इनकी आकृति स्वयमेव अमेरिका की जमीन पर एक बड़े भूभाग पर उभर आई जिसको हवाई जहाज से देखा गया और वैज्ञानिकों की समझ में नहीं आया की एक दिन में ऐसा यन्त्र आकृति इतने बड़े भूभाग में कैसे चित्रित हो गई जमीन पर |गूगल पर इसके चित्र उपलब्ध हैं |माना जाता है की यह किसी अन्य ग्रह या लोक के किसी शक्ति शक्ति द्वारा चित्रित कर दी गई |श्री यन्त्र ब्रह्माण्ड में सर्वत्र पाया जाता है |आपको जानकार आश्चर्य होगा की ॐ की ध्वनि से जो तरंगीय आकृति उभरती है वह श्री यन्त्र की होती है |जैसे ॐ आदि ध्वनि और मूल ध्वनि है वैसे ही श्री चक्र या श्री यंत्र मूल आकृति है सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की |यह ब्रह्मांडीय ऊर्जा संरचना की आकृति और संकेतक है |श्री स्सोक्त का पाठ वैदिक काल से होता रहा है ,वस्तुतः यह भी श्री चक्र अथवा श्री विद्या की ओर संकेत करता है की यह मूल आदि शक्ति है |साधकों में चक्र साधना ,चक्र निर्माण ,ज्यामितीय यंत्रादी का प्रयोग श्री चक्र से जुड़ा है और सभी देवी -देवताओं का श्री चक्र में स्थान है.

✡ इस यंत्र को मंदिर या तिजोरी में रखकर प्रतिदिन पूजा करने व प्रतिदिन कमलगट्टे की माला पर श्रीसूक्त के 12 पाठ के जाप करने से लक्ष्मी प्रसन्न रहती है।

🔯श्री यन्त्र ही एक अकेला साधन हे लक्ष्मी जी को आकर्षित करने का श्री यन्त्र से आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो जाती हे और सारी परेशानियां दूर हो जाती हे कितने लोगो के तो खली घर में श्री यन्त्र रखने से ही  अच्छे हो जाते हे

✡ जन्मकुंडली में मौजूद विभिन्न कुयोग श्रीयंत्र की नियमित पूजा से दूर हो जाते हैं।

✡ इसकी कृपा से मनुष्य को अष्टसिद्घियाँ और नौ निधियों की प्राप्ति होती है।

✡ श्रीयंत्र के पूजन से रोगों का नाश होता है।

✡ इस यंत्र की पूजा से मनुष्य को धन, समृद्घि, यश, कीर्ति की प्राप्ति होती है।

✡ रुके कार्य बनने लगते हैं। व्यापार की रुकावट खत्म होती है।

✡ श्री यंत्र साधना से संसार में कुछ भी दुर्लभ नहीं रह जाता है।🚩*

SRI Yantra; Pyramid, Prosperity

SRI Yantra Pyramid with Coin

wp-image-222852551jpg.jpg

Advertisements