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Archive for April, 2017


Builder build nice apartment block with all amenities or have plot in very posh locality but there is something that prevent selling of these properties. Recently two client consulted me for buying property.

CASE STUDY ONE: One client wanted to select and purchase one plot out of two available in very posh locality of Pune. Size of plots around 4400 and 4600 SqFt and are adjacent to each other with perfect Vastu shape and slope aka… slope in N and East while hill on South and Western side which makes Vastu perfect plot. Client wanted to purchase the bigger plot but wanted to make sure Vastu is good so consulted me for Vastu.

So visited the site and I measured directions, positivity/negativity, is this suitable to buyer and GeoPathic stress of both plots. Even though both plots are having common wall but one plot was having all positive results while second the bigger size plot was showing negative results and not matching with client. I gave my report to client and suggested him not to purchase the bigger size plot due to negative results. Also told him that same plot may be going through lots of deal but in the end no deal – which is what has been happening as per client – there were many buyers in past but in the end deal did not happen. While the smaller size plot just came into market and already attracting offers.

CASE STUDY 2: Here client wanted to purchase a 2 BHK flat in upcoming area of Pune where pricing are rising every month.

So same testing was carried out on both properties and again found similar readings where one building/flat very positive to the client and other one is not. I also told client that flats in one particular corner side of the building is most likely not sold because of so much negativity. I was so right, when I asked care taker of that particular premise he said flats in that particular corner are not sold. Even they got cancellation on booked flats.

CONCLUSION:

I highly recommend OR MUST have following checks before buying premise:

  1. Positivity and Negativity of flat/plot/building/shop etc…
  2. Check if the dwelling will be suitable to purchaser or not
  3. Measure Geo-Pathic stress
  4.  Does plot meets basic Vastu
  5. No toilet in NE of the premise.
  6. No near by slum, temple(s) or cremation/burial ground – all these places carries lots of negativity.

For other checks and remedies Mystic solutions is there to help and guide you. Yes, Mystic Solutions can resolve the problems that are highlighted in above case studies. In past many such cases had been resolved.

If you have any questions OR feedback please do get in touch with us at Mystic Solutions.

This is the typical Sample Kit that we use while measuring several aspect of Vastu. So far our records remains intact.

Mystic Solutions -Vastu Sample Kit

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Now premier college of India is going back to ancient architect story… IIT to start Vastu subject as part of their syllabus.

http://timesofindia.indiatimes.com/home/education/news/iit-kharagpur-to-introduce-vastu-shastra/articleshow/58213293.cms

Vastu at IIT

 

Our own Bollywood celebrities change their name. Most of them had an amazing success post change of their name while some did not like Tussar Kapoor – he had good movies but not consistent so did not get success as much success as others in acting but may having great success in business activity.

Get your Numbers right with help of Numerologies Rohit Shah – www.MantraTantraYantras.com

Old Name Old Numero No New Name New Numero Number
Rani Mukherji 8 Rani Mukerji 3
Ayushman Khurana 3 Ayushmann Khurrana 1
Tusar Kapoor 3 Tussar Kapoor 6
Ajay Devgan 1 Ajay Devgn 9
Sunil Shetty 4 Suniel Shetty 9
Sonam A Kapoor 3 Sonam Kapoor 2
 Karishma Kapoor 1 Karishma Kapoor 5
Ritesh Deshmukh 9 Riteish Deshmukh 1
Rithik Roshan 2 Hrithik Roshan 7
Jimmy Shergill 9 Jimmy Sheirgill 1
RAJ CHAKRABARTY 1 Raj 4
YASH DASGUPTA 4 YASSH DASGUPTA 7
Chiradip Das Gupta 1 INDRAADIP DAS GUPTA 3
VILUPPURAM CHINNAIAHPILLAI GANESAN 4 Sivaji Ganesan 9
Asha Kelunni 1 Revathi 6
Mohanlal Viswanathan Nair 4 Mohanlal 2
MG Ramachandran 5 MGR 9

 


From and By: पंडित नरेश नाथ जी प्रिय पाठकों बहुत से मित्र अक्सर हमें यह प्रश्न करते हैं की हाथों की रेखा से भविष्य देखा जा सकता हैं क्या जन्मपत्रिका के योगों का हाथ से भी पता लगता है प्रिय पाठकों आज आपकी इसी शंका का समाधान इस पोस्ट में कर रहा हूँ ।पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर करें और हमें संदेश भेजना न भूले  हाथ की रेखाएं दर्शाती हैं लग्नस्थ ग्रहों कों  सूर्यः जिस व्यक्ति के लग्न में सूर्य हो, उसका शरीर लंबा, ऊंचा, सुंदर व सुगठित होता है। उसकी हड्डियां तथा जोड़ मजबूत होते हैं। उसकी आंखंे दिव्य, आकर्षक और रोबदार होती हैं। उसका माथा ऊंचा, प्रशस्त, आगे से उभरा और पीछे की ओर दबा होता है। सिर के बाल मुलायम और हल्के भूरे होते हैं। भौंहों का रंग भी हल्का होता है परंतु में वे दिखने में सुंदर होती हैं। सूर्य रेखा लंबी हो व शुक्र पर्वत तक जाती हो, सूर्य पर्वत बुध की ओर झुका हो अथवा बुध पर्वत पर सूर्य का कोई चिह्न हो तो व्यक्ति के लग्न में सूर्य होता है। सूर्य के लग्न में होने पर जातक को गुस्सा बहुत आता है। उसमें सर्दी-गर्मी बर्दाश्त करने की क्षमता कम होती है। संयम की कमी के कारण वह उच्च रक्तचाप से ग्रस्त होता है। लग्नस्थ सूर्य के दोषों को दूर करने के लिए सूर्य को नित्य जल का अघ्र्य देना व सूर्य मंत्र का जप करना चाहिए। साथ ही अन्न व पीले वस्त्र दान करने चाहिए।

 चंद्रः लग्न में चंद्र हो तो जातक का रंग गोरा, आंखें सुंदर और दांत श्वेत तथा पंक्तिबंध होते हैं। उसका चेहरा आकर्षक होता है। वह किसी को भी प्रभावित करने में सक्षम होता है। उसे विदेश से लाभ होता है। किसी रेखा का चंद्र क्षेत्र से सूर्य की उंगली की तरफ जाना चंद्र के लग्न में होने का सूचक है। चंद्र लग्नेश हो तो जातक भावुक होता है और उसमें उतावलापन होता है। वह जल्दबाजी में कोई ऐसा काम कर बैठता है जिससे उसे तनाव, निम्न रक्तचाप, संबंधी जनों से संबंध विच्छेद व हानि का भय बना रहता है। चंद्र के दोषों को दूर करने के लिए मोती, दूध आदि श्वेत वस्तुओं का दान और चंद्र मंत्र का जप करना चाहिए।

 मंगलः मंगल लग्न में हो तो जातक का चेहरा गोल व लालिमा लिये होता है। शक्तिशाली व बुलंद हौसले वाला होता है। वह बुढ़ापे में भी सक्रिय एवं उत्साह से भरा होता है।मंगल लग्नस्थ हो तो चेहरे पर मुहांसे या कभी-कभी पक्के दाग भी निकल आते हैं। जातक अत्यधिक क्रोध् ाी होता है और उसके अंदर तानाशाही की प्रवृत्ति होती है जिससे वह कई बार वित्तीय व सामाजिक लाभ से वंचित हो जाता है। लग्नस्थ मंगल के दोषों से मुक्ति के लिए नित्य हनुमान चालीसा का पाठ करना और हनुमान जी को चोला चढ़ाना चाहिए।

बुधः जिसके लग्न में बुध हो वह ज्ञान और प्रतिभा का धनी होता है। उसका चेहरा गोल होता है और चेहरे पर मुस्कान हमेशा खिली रहती है। उसके बाल घने, काले और मुलायम होते हैं। भौंहें काली और आकर्षक तथा आंखें काली, सुंदर व मुस्कान भरी होती हैं। यदि कोई रेखा बुध पर्वत से सूर्य पर्वत पर जाती हो तो लग्न में बुध आदित्य योग होने का आभास दिलाती है। बुध ग्रह उभार लिए हो और बुध पर्वत पर 1 या 3 रेखाएं सीधी व स्पष्ट हों तो लग्नस्थ बुध अति उत्तम होता है। किंतु बुध लग्न में हो तो व्यक्ति बातूनी होता है। वह छोटी-छोटी बातों पर झूठ भी बोलता है जिससे समाज में उसकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता कम हो जाती है। फलतः उसकी सफलता के मार्ग में बाधा उत्पन्न होती है। वह महत्वपूर्ण कार्यों के प्रति भी लापरवाही बरतता है जिससे उसे नुकसान उठाना पड़ता है। लग्न स्थित बुध के दोषों से बचाव के लिए बुध के मंत्र का जप और प्रत्येक बुधवार को पालक व हरी सब्जी का दान करना चाहिए।

गुरुः जिस व्यक्ति के लग्न में गुरु हो उसमें एक शिक्षक के सभी गुण होते हैं। उसके दांत सुंदर और कान सामान्य से बडे़ होते हैं। उसका शरीर सुडौल और गठीला होता है और उसके चेहरे पर गंभीरता होती है। वह प्रभावशाली होता है। उसकी आवाज रोबीली होती है तथा उसमें नेतृत्व गुण भरा होता है। यदि भाग्य रेखा मणिबंध से निकल कर गुरु पर्वत तक जाती हो एवं गुरु पर्वत पर गुरु वलय बनता हो या गुरु पर्वत से सीधी रेखाएं गुरु की अंगुली से होकर निकलती हों तो लग्न में गुरु की स्थिति शुभ होती है। किंतु गुरु के लग्नस्थ होने की स्थिति में व्यक्ति जिद्दी, अत्यधिक सिद्धांतवादी व परंपराप्रिय होता है। इस प्रकार ज्ञानवान होते हुए भी वह मित्रों व संबंधियों का न तो पूरी तरह भला कर पाता है, न ही उनसे लाभ ले पाता है। 

शुक्र: जिसके लग्न में शुक्र हो वह कामदेव के समान सुंदर व आकर्षक शरीर वाला होता है। उसके बाल सुंदर व घने होते हैं। वह हर कार्य व्यवस्थित ढंग से करता है। कला में उसकी गहरी अभिरुचि होती है। शुक्र ग्रह से कोई रेखा बुध पर्वत तक जाती हो या शुक्र के स्थान पर सूर्य का निशान हो तो यह स्थिति शुक्र के लग्नस्थ होने की सूचक हैं। शुक्र पर्वत उभार लिए हो तथा वहां पर कटी-फटी रेखाएं न हों तो यह स्थिति भी शुक्र के लग्न में होने का संकेत है। दोष लग्न में शुक्र हो तो व्यक्ति घमंडी और जिद्दी होता है। उसमें अत्यधिक आत्मविश्वास होता है और वह सुपिरियाॅरिटी काॅम्पलेक्स से ग्रस्त रहता है। फलतः वह दूसरों से किसी प्रकार का पूरा लाभ नही उठा पाता और जीवन में आने वाले लाभप्रद अवसरों को खो बैठता है।

 शनिः शनि यदि लग्नस्थ हो तो जातक सामान्य से अधिक लंबा होता है। उसका शरीर मांसल नहीं होता, परंतु नसें हृष्ट-पुष्ट व उभरी हुई होती हैं। उसके बाल लंबे, काले, घने व मोटे तथा दांत सफेद होते हैं। उसका मुख आकर्षक और वाणी ओजपूर्ण होती वह न्यायप्रिय और सभी का हितैषी तथा झूठ व अनैतिकता का घोर विरोधी होता है। शनि पर्वत उभरा हुआ हो, उसके नीचे 3 या 4 रेखाएं हों, उस पर सूर्य से निकलकर वलय बनता हो और भाग्य रेखा शनि से निकलकर मणिबंध तक जाती हो तो लग्नस्थ शनि सुदृढ़ होता है। दोषः जिसके लग्न में शनि हो, वह स्पष्टवादी होता है, किंतु उसकी स्पष्टवादिता उसे कभी-कभी बहुत महंगी पड़ती है। वह उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा आदि से ग्रस्त होता है।
 राहु व केतु: राहु व केतु छाया ग्रह हैं। लग्नस्थ होने पर राहु शनि जैसा और केतु मंगल जैसा प्रभाव दे़ता है। इस प्रकार हस्तरेखाओं व ज्योतिष के संयुक्त विश्लेषण से किसी के भविष्य का सटीक फलकथन किया जा सकता है, पर इसके लिए दोनों ही विधाओं का विस्तृत व गंभीर ज्ञान आवश्यक है।

    1. No sharp corner of office table.
    2. Make sure deity photo is not placed behind your chair.
    3. Face East or North while sitting, for business dealings one can also sit in South or South-East.
    4. Keep central area open and clean
    5. Do not store heavy items in North, North-East or East Direction
    6. Make sure there is a solid wall behind owners chair, if there is a Window make sure to have closed curtains
    7. While sitting – front view should be open and have clear view
    8. While sitting – do not face South
    9. Have water element or flowing water in North – North-East direction
    10. Avoid paintings which highlights sorrows 
    11. Have bright colors in office such as yellow/orange shades etc…

Today is the auspicious day of Hanuman Jayanti which brings great prosperity and health to all. Here is small write up on this years Hanuman Jayanti and how one can benefit with Poojas.

11 अप्रेल को दुर्लभ एवं सिद्धिदायक योग, बजरंगबली पूर्ण करेंगे आपकी मनोकामना, करें ये उपाय

रामनवमी की ही तरह इस बार हनुमान जयंती पर भी दुर्लभ योग का निर्माण हो रहा है। चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती 11 अप्रेल मंगलवार को विशेष योग के साथ मनाई जाएगी।

इस वर्ष रामनवमी भी मंगलवार को आई थी। मंगलवार को हनुमानजी का वार होने से इस दिन आराधना करने वालों को विशेष फल मिलेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार हनुमान जयंती पर विशेष योग बन रहे है। खास बात यह है कि इस बार चार साल बाद संकट मोचन की जयंती चंद्रग्रहण से मुक्त मनेगी। चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 11 अप्रैल को पड़ रही हनुमान जयंती चित्रा नक्षत्र और राज योग के साथ मनाई जाएगी।

साथ ही शुक्र मीन राशि में उच्च का हो गए जिसकी सूर्य के साथ युति रहेगी। द्वितीय स्थान पर मेष राशि का मंगल शुभ फलदायी रहेगा। विशेष योग होने के कारण हनुमान जयंती भक्तों के लिए विशेष फलदायी रहेगी।

विदित हो कि 2013 से लगातार हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के योग बन रहे थे लेकिन इस बार भ्रदा रहित और चंद्रग्रहण मुक्त रहेगी। इससे पूजा-अर्चना और आराधना में कोई संकट नहीं आएगा।

विशेष संयोगों के कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना से श्रद्घालुओं की मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य, शनि, राहु के दोषों के निवारण हेतु हनुमान आराधना विशेष मानी जाती है।

पूर्णिमा पर चित्रा नक्षत्र और राजयोग मिलने पर जयंती का आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ गया है। इसलिए इस दिन की गई साधना विशेष फलदायी होगी।

हनुमान जयंती Part II

  चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 11 अप्रैल मंगलवार को है। चूंकि मंगलवार को हनुमानजी का ही दिन माना जाता है इसलिए इस शुभ योग में यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है।

 ये उपाय इस प्रकार हैं-

 ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला

हनुमान जयंती (11 अप्रैल) पर हनुमानजी को चोला चढ़ाएं।

 हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही, चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।

चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। अब एक साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।

मंत्र- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।

सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।

अब हनुमानजी को चढाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर, उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी समस्या हल होने के योग बनने लगेंगे।

बड़ के पेड़ का उपाय

 मंगलवार की सुबह स्नान करने के बाद बड़ (बरगद) के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें। अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें। अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें। साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा। अगली होली पर इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें।

घर में स्थापित करें पारद हनुमान की प्रतिमा 

अपने घर में पारद से निर्मित हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करें। पारद को रसराज कहा जाता है। पारद से बनी हनुमान प्रतिमा की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं, साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। प्रतिदिन इसकी पूजा करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को पितृदोष हो, तो उसे प्रतिदिन पारद हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।

शाम को जलाएं दीपक 

हनुमान जयंती की शाम को समीप स्थित किसी हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमानजी की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का व एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है। करें राम रक्षा स्त्रोत का पाठ सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी हनुमान मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। जीवन में यदि कोई समस्या है, तो उसका निवारण करने के लिए प्रार्थना करें।

   🙏🙏🙏

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