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Archive for April, 2018


As per my study of OCcult science, I have only came accross Lal Kitab which provides different types of Past Karma Debt (Run) and simple yet effective remedies. This way at least we can cleanze some of our past Karma debt. In past 5 odd years Lal Kitab is again becoming famous because of Simple and Effective remedies that anyone can do. Also it is believed Lal Kitab remedies gives fastest results. – in some cases within Few hours. BEst part is that on all remedies one needs to do – doing half of it also brings results.

When you purchase your Lal Kundali report you get much more in depth details and all the remedies that you can easily do and are very effective with fastest results. Check out our Sample Lal Kitab report in Hindi and English.

Few of the readings you get in Rpeort is listed Here:

  • Astrological Particulars
  • Lagna, Moon and Bhava Chalit Kundali of Lal-Kitab,
  • Positions of Houses from Lal-Kitab Kundali
  • Planetary Positions & Dispositions from Lal-Kitab Kundali
  • Lal Kitab 35 year’s cycles
  • Assumption of Native Palm throgh Lal-Kitab
  • General Predictions from Lal-Kitab
  • House (Bhava) Based Predictions from Lal-Kitab
  • Predictions of JAll Planets with Remedies where requires. ]
  • Planet in House Predictions (Lal-Kitab)
  • Debt and Runn Details with Remedies
  • Permissible and Non-Permissible Remedies in Lal-Kitab
  • Manglik blemish (dosh) in LalKitab
  • Lal-Kitab Varshphala
  • Reason and Upay for every Aspect of life from Lal-Kitab
  • Health and Dieses related predictions and Upay :
  • Money, Business & Employement related predictions and Upay :
  • Residance related predictions and Upay :
  • Marriage, Wife and Family related predictions and Upay :
  • Childrens and their Health related predictions and Upay :
  • Travel related predictions and Upay :
  • KaalSarpa Yoga
  • Phases of Shani Sadesati and Upay
  • Vimshottari Dasha effects and remedies in Lal Kitab
  • Conjoined Planets result from Lal-Kitab
  • Lal Kitab Varshaphala – Yearly Wise Predictions and Upay
  • …and much more information.

Lal Kitab Report with Yearly Predictions and Upay can be order by emailing at MysticValues@gmail.com.Report feees is 2999 INR Rupees Only.

Sample Reports in Hindi and English:

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CAREER GROWTH for Number 5:

Number 5 is associated with planet Mercury. For all those born on 5, 14, 23 are all Number 5 and associated with Planet Mercury (Budh).

Having Mercury in positive place in birth chart indicates the person will have systematic approach, good in numerical skills like accounting, finance, measuring surveying and writing.,

If you wish to have growth in your career then there are many remedies one needs to follow; here are the few simple remedies one can follow.

Please do note that remedies works best if Name number is best aligned with your date of birth.

Career Growth for Number 5_By Mystic Solutions.jpeg

Rohitt Shah (B. Eng., CSM)

Vastu Acharya, Master Numerologist

Lal Kitab and iBazi consultant

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Rohitt Shah (Vastu Acharya – Numero Vastu Guru)

Mahavastu, Numerology, Bazi and Lal Kitab Consultant

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NOTE: One need to ensure that they locate the direction accurately for tips to work. We work on 16 zones (directions) so make sure you plot the direction accurately.

16 Zones (directions): North, North of NE, North-East(NE), East of NE East, East of SE, South-East (SE), South of SE, South, South of SW, South-West (SW), West of SW, West, West of NW, North-West (NW), North of NW. Each zone carries its own attributes, colours, patterns and associations with 5 elements (Water, wood, Fire, Earth and Space).

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Testimoney – Numerology and Vastu Consultation

Disclaimer

  • तुलसी का पौधा सबसे अच्छा संयंत्र वास्तु दोष दूर करने के लिए माना जाता है।
  • यदि आपके मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़े पेड़ या नकारात्मक ऊर्जा हैं तो एक तुलसी लगाएं
  • बारिश के मौसम में, जब सर्दी, बुखार और डेंगू जैसी बीमारियों के संक्रमण फैलते हैं, इसकी पत्तियों का काढ़ा नियमित रूप से पीना शरीर को इन संक्रमणों से बचाता है। बुखार अधिक होने की स्थिति में मरीज़ को तुलसी की पत्तियों को दालचीनी के पाउडर के साथ आधा लीटर पानी में उबालना चाहिए और उसमें गुड़ और थोड़ा दूध मिलाकर मरीज को पिलाना चाहिए। इससे बुखार की तेजी से कम हो जाता है।
  • तुलसी अगर निमंन मात्रा में फायदकारक है तो हानि भी हो सकती है|
  • तुलसी में हमारे शरीर के खून को पतला करने की क्षमता है। और इसलिए इसे अन्य विरोधी थक्के दवाओं के साथ नहीं लिया जाना चाहिए।
  • एक गमले में एक पौधा तुलसी का तथा एक पौधा काले धतूरे का लगायें। इन दोनों पौधों पर प्रतिदिन स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।  ऐसा करने से व्यक्ति को  ब्रहमा, विष्णु, महेश, इन तीनों की संयुक्त पूजा फल मिलता है।  क्योंकि तुलसी विष्णु प्रिया है,  काला धतूरा शिव रूप है एंव तुलसी की जड़ो में भगवान ब्रहमा का निवास स्थान माना गया है।
  • जो जातक रविवार, संक्रांति, ग्रहण को छोड़कर नित्य “ॐ तुलस्यै नमः॥” मन्त्र का जाप करते हुए सुबह तुलसी पर जल चढ़ाता है, एवं सांय को दीपक जलाता है उसे जीवन के सभी सुखो की प्राप्ति होती है, उसके पाप नष्ट होते है, पुरखो को स्वर्ग में स्थान मिलता है, सन्तान संस्कारी, आज्ञाकारी होती है, उसके घर से सभी संकट कोसो दूर रहते है । 
  •  तुलसी के पत्ते बहुत ही पवित्र माने जाते है । यह हमारे जल एवं भोजन को शुद्ध और पवित्र करते हैं। इसीलिए किसी भी सूर्य या चंद्र ग्रहण के समयजल एवं  भोजन में तुलसी के पत्ते डालें जाते हैं।
  • हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार इंसान की मृत्यु के बाद उस शव के मुख में तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं। मान्यता है कि इससे मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  •  अगर आपको लगता है कि लाख प्रयास के बाद भी आपका व्यापार उन्नति नहीं कर पा रहा है तो आप किसी भी गुरुवार को श्यामा तुलसी के चारो ओर उग आई खर पतवार को किसी पीले वस्त्र में बांधकर अपने व्यापार स्थल में किसी साफ जगह रख दें, व्यापार में गति आ जाएगी । 
  •  किसी भी शुभ मुहूर्त में तुलसी की जड़  लाएं । रविवार या गुरुवार को जब पुष्य नक्षत्र हो तो उस दिन उस जड़ को गंगा जल से धोकर, धूप दीप दिखाकर, तिलक लगाकर पूजा करके पीले कपड़े में लपेटकर अपने दाहिने हाथ में बांध लें इस आसान उपाय से व्यक्ति का तेज बढ़ता है, कार्यों में सफलता की सम्भावना बढ़ जाती है, अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहता है।    
  • अगर किसी व्यक्ति की संतान बहुत ज्यादा जिद्दी हो, बड़ो का कहना ना मानती हो तो उसे घर के पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे के तीन पत्ते रविवार को छोड़कर प्रतिदिन किसी भी तरह अवश्य ही खिलाएं, सन्तान का व्यवहार सुधरने लगेगा । 
  • ऐसी भी मान्यता है कि यदि पूर्व दिशा में खिड़की के पास तुलसी का पौधा रखा जाए तो भी संतान आज्ञाकारी होती है। 
  • यह भी माना जाता है कि यदि आपकी कन्या का विवाह नहीं हो रहा हो तो कन्या तुलसी के पौधे को घर के दक्षिण-पूर्व में रखकर उसे नियमित रूप से जल अर्पण करें। इससे भी शीघ्र ही योग्य वर की प्राप्ति होती है ।
  •  तुलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी प्रेम, सामंजस्य बना रहता है। 
  • नवीन गृह में तुलसी का पौधा, देवता का चित्र, गौमूत्र, गंगाजल, और पानी का कलश लेकर घर के अंदर प्रवेश करना चाहिए । इससे घर में सदैव सुख शांति, प्रसन्नता का वातावरण बना रहता है, घर में धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 
  • घर से निकलने से पूर्व तुलसी के दर्शन करना बहुत ही शुभ एवं सफलता की निशानी माना जाता है। 
  • प्रतिदिन दही के साथ चीनी और तुलसी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही शुभ माना गया है। तुलसी के पत्तों का घर से निकलते समय सेवन करने से कार्यों में कोई भी संकट नहीं आते है ।  
  • हिन्दु धर्मशास्त्रों में तुलसी के आठ नाम बताए गए हैं- वृंदा, वृंदावनि, विश्व पूजिता, विश्व पावनी, पुष्पसारा, नन्दिनी, तुलसी और कृष्ण जीवनी। सुबह तुलसी में जल चढ़ाते समय इनका नित्य नाम लेने जातक को जीवन में कोई भी संकट कोई आभाव नहीं रहता है । उसे सभी तरह के भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है । 
  •  तुलसी का पत्तों के नित्य सेवन करना बहुत ही पुण्यदायक लाभदायक माना जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि उसे दाँतों के बीच चबाना नहीं चाहिए।
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Rohitt Shah

Vastu Acharya & Master Numerologist

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First, I want all of you to see video link: “Hidden messages in water” has detailed how the energy of space affects water quality and its structure. A few ways to improve quality of water if practiced, can make significant positive changes in one’s health. In Jains there is a most common practice of Chanting Navkar Mantra before and after drinking water. Jains also uses warmed water.

Rohitt Shah

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शयन के नियम
1. सूने घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देवमन्दिर और श्मशान में भी नहीं सोना चाहिए। (मनुस्मृति)
2. किसी सोए हुए मनुष्य को अचानक नहीं जगाना चाहिए। (विष्णुस्मृति)
3. विद्यार्थी, नौकर औऱ द्वारपाल, ये ज्यादा देर तक सोए हुए हों तो, इन्हें जगा देना चाहिए। (चाणक्यनीति)
4. स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त में उठना चाहिए। (देवीभागवत)
बिल्कुल अंधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए। (पद्मपुराण)
5. भीगे पैर नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है। (अत्रिस्मृति)
टूटी खाट पर तथा जूठे मुंह सोना वर्जित है। (महाभारत)
6. नग्न होकर नहीं सोना चाहिए। (गौतमधर्मसूत्र)
7. पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु, तथा दक्षिण की तरफ सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है। (आचारमय़ूख)
8. दिन में कभी नही सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास मे दोपहर के समय एक मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (जो दिन मे सोता है उसका नसीब फुटा है)
9. दिन में तथा सुर्योदय एवं सुर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है। (ब्रह्मवैवर्तपुराण)
10. सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घंटे) के बाद ही शयन करना चाहिए।
11. बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये हितकर हैं।
12. दक्षिण दिशा में पाँव करके कभी नही सोना चाहिए। यम और दुष्टदेवों का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियाँ होती है।
13. ह्रदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचें और पाँव पर पाँव चढ़ाकर निद्रा न लें।
14. शय्या पर बैठकर खाना-पीना अशुभ है।
15. सोते सोते पढना नही चाहिए।
16. ललाट पर तिलक लगाकर सोना अशुभ है। इसलिये सोते वक्त तिलक हटा दें।
17. कभी भी पेर मैन दरवाजे की तरफ रख के सोना वर्जित है।
18. बांस या पलाश की लकड़ी से ओर /लोखंड/Iron से बने पलंग पर नहीं सोना चाहिए, सिर को नीचे लटकाकर नहीं सोना चाहिए।
19. इन लोगों को गलत समय पर सोने से नहीं लगता है दोष:
यदि कोई व्यक्ति बीमार है या बुजूर्ग है या कोई गर्भवती स्त्री है तो ये लोग अपनी सुविधा के अनुसार दिन में किसी भी समय सो सकते हैं। ऐसे लोगों को किसी भी समय पर सोने से कोई दोष नहीं लगता है, लेकिन कोई व्यक्ति अकारण गलत समय में सोता है तो यह शुभ नहीं माना जाता है।
20. दूसरे की शय्या पर नहीं सोना चाहिए ।
21. सोने से पहले मुह को अवश्य साफ करके या ब्रश करके सोने से शनि महाराज प्रसन्न होते है।

रोहित शाह

वास्तु आचार्य व मास्टर नुमेरोलॉजिस्ट
9049410786
7776034447

Vastu Tip: 

By placing your GYM bag/cloths etc in South of South-East zone of the house will

 

 

 

Vastu Tip for Gymming

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