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Vastu Tip: 

By placing your GYM bag/cloths etc in South of South-East zone of the house will

 

 

 

Vastu Tip for Gymming

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Rohitt Shah (Vastu Acharya – Numero Vastu Guru)

Mahavastu, Numerology, Bazi and Lal Kitab Consultant

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नवग्रह अरिष्ट शांति का जैनागम में शास्त्रोक्त उपाय

=========================== *Source Unknown*============================

 1……...सूर्य  ग्रह सिंह राशि का स्वामी है, यह दशम स्थान में शुभ फलदायी, आत्माकारक तथा पितृकारक

होता है। इसकी अशुभता से जातक आलसी, भयालु पितृ वैरी होता है। नौकरी व व्यवसाय में बार-बार

विघ्न आते हैं। व्यापारिक कार्यों में असफलता मिलती है, जातक राजकीय प्रकोप का भाजन बनता

है, कोर्ट कचहरी, विवाद, पितृ दोष, हृदय रोग, उदर विकार, ऋण (कर्जा) , झूठे अभियोग, प्रतिष्ठा

हानि, अल्सर, पित्त आदि होता हैं। आत्म विश्वास कम रहता है, मन पाप कार्यों में अधिक प्रवृत्त होता

है, गृहस्थ जीवन कलहपूर्ण व संतान सुख से हीन बनता है, इत्यादि सूर्य ग्रह के अरिष्ट प्रभाव होने पर उसकी शांति हेतु प्रतिदिन श्री पद्मप्रभु चालीसा, श्री नवग्रह शांति चालीसा करें एवं वर्ष में कम से कम एक

बार श्री नवग्रह शांति विधान कर जीवन का उत्थान अवश्य करें।

2…..…...चंद्रमा ग्रह  कर्क राशि का स्वामी है। यह चतुर्थ स्थान, माता, भूमि-भवन, वाहन, वाणी, सुख का

प्रमुख कारण होता है, चन्द्र की शुभता उपरोक्त विषयों की अनुकूलता प्रदान करती है और यदि

माता, भूमि-भवन, वाहन सुख का अभाव हो, वाणी में कर्कशता हो, मानसिक तनाव, फेफड़े का रोग,

चिंता, दुर्बलता, धन की कमी, हृदय का रोग, जलोदर रोग, रक्ताल्पता, रक्त प्रकोप, हाय-ब्लडप्रेशर आदि

की संभावना हो, मन में बुरे विचार आते हों, आत्महत्या की भावनायें बनती हों, विद्यार्जन, उच्च

पद प्राप्ति में निरंतर असफलता मिलती हो तो चंद्र की प्रतिकूलता का प्रभाव है, इन समस्याओं का

एकमात्र समाधान श्री चंद्रप्रभु चालीसा, श्री नवग्रह शांति चालीसा व नवग्रह शांति विधान से

हो सकता है।

3……….मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है और ग्रहों में सेनापति है, दशम स्थान का कारक है।

इसके शुभ होने पर उच्च राजयोग बनता है, जातक में नेतृत्व क्षमता आती है। इसकी प्रतिकूलता होने पर

जीवन में पदोन्नति में बाधायें आती हैं और घर में आग लगना, लड़ाई-झगड़ा, अनावश्यक कोर्ट कचहरी के

झगड़ों में उलझना, मकान में वास्तु दोष, पराक्रम का अभाव, अतिरिक्त मांसपेशियों के रोग, तीव्र ज्वर,

विषम ज्वर, बार-बार एक्सीडेंट, रक्त विकार, फोड़े- फुँसी, होठ फटना, भौतिक विषयों के प्रति तीव्र

लालसा होती है। उपरोक्त मंगल के अरिष्ट शांति हेतु श्री वासुपूज्य भगवान का चालीसा करें। श्री नवग्रह

शांति चालीसा एवं श्री नवग्रह शांति विधान करके अपना सौभाग्य जगायें।

 4………बुध ग्रह मिथुन व कन्या राशि का स्वामी है इसकी अनुकूलता होने पर जातक की वाणी में

सरस्वती का वास होता है। बुध वाणी, विद्या, बुध्दि, व्यापार और धन का कारक ग्रह माना गया है।

इसकी प्रतिकूलता होने पर व्यापार में परेशानी, धन हानि, बुध्दि विभ्रम, ब्लड कैंसर, चर्म कैंसर, कुष्ठरोग,

वाणी के कारण झगड़े आदि होते है। जिन्हें उपरोक्त अरिष्ट हो वे तथा बुध्दि जीवी, कवि, लेखक,

वास्तुविद्, प्रवचनकार, ज्योतिषी, वैद्य, डाँक्टर, साधु-संत, दार्शनिक आदि लोग बुध ग्रह की अरिष्ट

शांति हेतु एवं बुध ग्रह को प्रबल बनाने के लिए श्री शांतिनाथ भगवान का चालीसा करें। श्री नवग्रह

शांति चालीसा करें। श्री नवग्रह शांति चालीसा एवं श्री नवग्रह शांति विधान के माध्यम से जीवन

की सर्वांगीण भाग्योन्नति संभव है।

5………गुरू ग्रह धनु और मीन राशि का स्वामी है। यह दूसरे, पाँचवें व नववें भाव का विशेष कारक होता है।

विद्या, विवाह, धार्मिक भावना एवं अध्यात्म का प्रमुख कारक है। इसकी प्रतिकूलता होने पर उच्च

शिक्षा में व्यवधान आता है। आध्यात्मिक और नैतिक भावनाऐं कम होती हैं, विवाह संबंध में परेशानी,

संतान हानि, गले में खराबी, बुध्दि भ्रम इत्यादि गुरू ग्रह संबंधी अरिष्ट शांति हेतु भगवान श्री आदिनाथ

जी का चालीसा, श्री नवग्रह शांति चालीसा एवं श्री नवग्रह शांति विधान ही उत्तम उपाय है।

6……….शुक्र ग्रह वृषभ और तुला राशि का स्वामी है। यह संगीत, नृत्य, अभिनय, लेखन, गायन, चित्रकला

आदि का मुख्य कारक है। यदि लग्नेश शुक्र भाग्य भवन में बैठ जायें तो जातक को उच्च धर्माधिकारी

बनाता है और इसकी प्रतिकूलता तंबाखु, सिगरेट, शराब आदि व्यसनों के आधीन बनाती है। गुर्दा रोग,

जलोदर, गुप्त रोग, नजला-जुकाम, कंठ रोग, खुशी में गम आना, प्रोस्टेट कैंसर आदि शुक्र ग्रह की

प्रतिकूलता से होते हैं। उपरोक्त प्रतिकूलताओं से बचने के लिए श्री पुष्पदंत भगवान का चालीसा पाठ करें।

श्री नवग्रह शांति चालीसा व नवग्रह शांति विधान करके भाग्य को समुन्नत बनायें व कला कौशल बनें।

7……..शनि ग्रह मकर और कुंभ राशि का स्वामी है, शनि अध्यात्म का मुख्य कारक है। यह अनुकूल होने पर

जातक को दीर्घायु देकर मालामाल कर देता है। अनुकूलता में धन आदि सुख छप्पर फाड़ के देता है और

प्रतिकूल होने पर कपड़े भी उतार देता है। अर्थात इसकी अनुकूलता करोड़पति और प्रतिकूलता रोडपति

बना देती है। अग्निकाण्ड, दुर्घटना, अयोग्य संतान, शरीर के निचले भाग में रोग, पैर-तलवे स्नायु संबंधी

पीड़ा, हड्डी टूटना, धीमी गति से कार्य होना, कार्यों में रुकावटें आना इत्यादि शनि के अरिष्ट

शांति हेतु श्री मुनिसुव्रतनाथ भगवान का चालीसा करें। श्री नवग्रह शांति चालीसा व श्री नवग्रह शांति विधान से अपना सर्वांगीण विकास करें।

8……..राहू ग्रह कन्या राशि का स्वामी माना गया है। इसकी अनुकूलता में अकस्मात धन प्राप्ति के

योग बनते हैं। लाटरी खुलना, पूर्वजों की वसीयत प्राप्त होना आदि अचानक धन लाभ राहू ग्रह

कराता है और प्रतिकूल होने पर जातक को जुआँ, सट्टा, रिश्वतखोरी, चोरी, डकैती, तस्करी आदि के

माध्यम से राजकोप का भाजन बनाता है। इसकी तीव्र प्रतिकूलता फांसी के फन्दे तक ले जाती है।

सिर पर चोट, गैस्टिक, विचारों में अस्थिरता, मधुमेह (डायबिटीज), हृदय रोग, लम्बी बीमारी आदि राहू

की प्रतिकूलता के लक्षण हो सकते हैं। इसकी अरिष्ट शांति हेतु प्रतिदिन नेमिनाथ भगवान का चालीसा

करें। कुंडली में ग्रहण योग, पाप कर्तरी योग, कालसर्प योग होने पर प्रतिदिन श्री नवग्रह शांति चालीसा

करें एवं प्रतिमास श्री नवग्रह शांति विधान से समस्त पापों का नाश करें।

9……..केतु ग्रह मीन राशि का अधिपति माना गया है। यह जिस ग्रह के साथ बैठता है उसकी ही

प्रतिकूलता या अनुकूलता को बढ़ाता है। इसकी प्रतिकूलता से जातक के साथ बार-बार विश्वासघात

होता है। मूत्र विकार, पुत्र पर संकट, अचानक परेशानी, पुत्र द्वारा दुर्व्यवहार, कारागृह, यकृत

(लीवर) सम्बंधी रोग, हाथ-पैरों में सूजन, बावासीर आदि केतु ग्रह की प्रतिकूलता से होते हैं। इसकी

अरिष्ट शांति हेतु श्री पार्श्वनाथ भगवान का चालीसा करें और कालसर्प योग होने पर श्री नवग्रह

शांति चालीसा एवं प्रतिमास श्री नवग्रह शांति विधान से समस्त दुःखों का निदान करें।……….

रोहित शाह (Rohitt Shah)

Vastu Acharya & Master Numerologists

9049410786

7776034447

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External Sources:  http://www.jinvanisangrah.com/category

http://www.jinvanisangrah.com/category/%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B9-chalisa-sangrah/

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http://jainpuja.com/jain-puja/navgrah-karak-mantra.aspx

https://jainsquare.wordpress.com/2012/04/04/navgrah-shanti-ke-jain-mantra/

Navgrah Jain Mantras

Document Version in PDF Format:

NAV Graha Mantra in Hindi and English

CAREER GROWTH for Number 4:

Number 3 is associated with planet Rahu. List of profession best suited for number 4 person. If you wish to have growth in your career then there are many remedies one needs to follow; here are the few simple remedies one can follow.

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*पर्सनल नंबर प्लेट ओर आप के नंबर*
क्यों लेते हैं लोग एक नंबर और पांच नंबर
कल चंडीगढ़ में गाड़ी के नंबरों की हुई नीलामी में सबसे ज्यादा बोली 0001 नंबर की लगी जो किसी ने 525000 में खरीदा दूसरा 0005 नंबर को 262000 में खरीदा और तीसरा नंबर 0050 जो किसी ने 205000 में खरीदा
क्या आप जानते हैं कि नीलामी हुए नंबरों में से सबसे ज्यादा बोली इन्हीं नंबरों पर क्यों लगी आज मैं आपको बताने जा रहा हूं कि क्यों लोग एक नंबर और पांच नंबर को ज्यादा पसंद करते हैं
एक नंबर सूर्या का नंबर है जो व्यक्ति एक नंबर को अपना लेता है वह व्यक्ति जीवन की ऊंचाइयों को छू लेता है अंक शास्त्र के अनुसार जिनके पास एक नंबर की पावर ज्यादा होती है उन्हें जीवन में सब कुछ मिल जाता है उदाहरण के तौर पर हमारे सुपरस्टार अमिताभ बच्चन जिनके जन्मतिथि में एक नंबर 5 बार आता है एक नंबर की वजह से आज उनका नाम पूरी दुनिया में है
अंक शास्त्र के अनुसार 5 नंबर बुद्ध का है जो कि हमारे जीवन को बैलेंस करता है अंक शास्त्र के अनुसार 5 नंबर का कोई भी ग्रह दुश्मन नहीं होता सिर्फ मित्र ही होता है जिस व्यक्ति को पांच नंबर की सपोर्ट मिल जाए वह व्यक्ति जीवन में हर खुशी को प्राप्त करता है आप देखेंगे कि ज्यादातर एक्टर अपनी गाड़ियों का नंबर 5 लेते हैं और जीवन की ऊंचाइयों को छूते हैं जिनके आम व्यक्ति सपने लेते हैं.
आप अपनी जन्म तारीख नही बदल सकते लेकिन नाम चेंज से आप मिसिंग नंबर्स का पूरा लाभ ले सकते हो। इसी लिए तो कई बड़ी सेलेब्रिटीज़ नाम चेंज करते है… अजय देवगन, हृथिक रोशन, रितेश देशमुख, रानी मुखर्जी, सोनम कपूर, निकोलस केज, बेन किंग्सले, जॉर्ज माइकल। आप भी अपना नाम चेंज करके सब भौतिक सुख पा सकते हो। खुद मेरा नाम भी चेंज किया है और चेंज करते ही काफी सफलताएं मिल रही है जो पहले उतनी नही होती थी।
*क्या आपका नाम आपकी जन्म तिथि के साथ मेल खा रहा है!*
क्या होना चाहिए आपका मोबाइल नंबर
कौन से नंबर वाले व्यक्ति के साथ आपकी शादी होनी चाहिए
आपकी गाड़ी का नंबर आपकी जन्मतिथि से मेल खा रहा है
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Rohitt Shah
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CAREER GROWTH for Number 3:

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CAREER GROWTH for Number 2:

Number 2 is associated with planet MOON. List of profession best suited for number 2 person. If you wish to have growth in your career then there are many remedies one needs to follow; here are the few simple remedies one can follow.

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