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Why one should not wash and Cut hair on Thursday…
गुरुवार के दिन बाल/केश को धोने या काट ने नही चाहिएं ।।। क्यू ।।।
*Story:* As shared by colleague Hemalata N Karnik
कहते हैं … कई युगों पहले की बात है ….
एक काफी अमीर शख़्स हुआ करते थे। वे और उनकी पत्नी एक सुखी जीवन व्यतीत करते थे, उन्हें किसी प्रकार की कोई आर्थिक कमी नहीं थी। लेकिन वह महिला दान-पुण्य के मामले में थोड़ी कुटिल थी। एक दिन उनके दरवाज़े पर एक साधु भिक्षा मांगने आए।

उस समय उस महिला के पति घर पर नहीं थे तो उसने साधु को दरवाज़े से यह कहकर लौट जाने से कहा कि वह घर के कार्यों में कुछ व्यस्त है, कृपा करके वह कुछ क्षण बाद दोबारा आएं। लेकिन यह दृश्य एक बार नहीं कई बार दोहराया गया। रोज़ाना वह साधु वहां आते और भिक्षा मांगते, लेकिन हमेशा की तरह वह स्त्री उन्हें वही बहाना बनाकर जाने को कहती।

तो एक दिन साधु ने पूछ ही लिया कि बताएं आप कब कार्यों को छोड़ मुझे दान देंगी, तो जवाब में महिला ने कहा कि जब तक मेरे पास ढेरों कार्य हैं, मैं तुम्हें भीक्षा नहीं दे सकती। तो साधु ने उत्तर में कहा कि प्रत्येक गुरुवार को अपने बाल धो लो, तुम इन सभी कार्यों से जल्द ही मुक्त हो जाओगी।

उस महिला ने साधु की इस सलाह के पीछे छिपी गहराई पर गौर तो नहीं किया, लेकिन नियमित रूप से हर गुरुवार को बाल धोना आरंभ कर दिया। और धीरे-धीरे उनकी सारी संपत्ति पानी के बहाव की तरह खत्म होती चली गई। वे इतने गरीब हो गए कि उनके पास खाने को एक वक्त की रोटी भी नहीं थी।

तभी एक दिन फिर दोबारा वह साधु वहां आया और भिक्षा मांगी, तो महिला ने बताया कि उनके पास स्वयं के खाने के लिए भी भोजन नहीं है तो वह उन्हें क्या खिलाएगी। बाद में पति-पत्नी दोनों को ज्ञात हुआ कि वह साधु कोई और नहीं वरन् स्वयं भगवान बृहस्पति थे, जो उन्हें दान-पुण्य का पाठ पढ़ाने के लिए वहां आए थे।

इसी कहानी के आधार पर यह मान्यता उत्पन्न हो गई कि कभी भूलकर भी गुरुवार को अपने केसों में पानी ना डालें। साथ ही भगवान बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार को पीले वस्त्र धारण करें, पीले फूलों से उनकी पूजा करें एवं भोजन में पीले रंग के पकवान ही बनाएं।

*Rohitt Shah*
Vastu and Numerology consultations

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आप अपने घर में #शिवलिंग स्थापित करने के बारे में सोच रहे हैं तो रखें कुछ बातों का ध्यान, फायदे में रहेंगे!
भगवन शिव के बारे में तो आप जानते ही हैं, वह बहुत ही दयालु भी हैं और क्रोधी स्वाभाव के भी हैं। जो उन्हें सच्चे मन से याद करता है, उसकी पुकार वह तुरंत सुन लेते हैं। अगर आपने भी अपने घर में #शिवलिंग स्थापित किया हुआ है या करने के बारे में सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी है। आप तो जानते ही हैं कि भगवन शिव जब क्रोधित हो जाते हैं, तो वह पूरी पृथ्वी का विनाश करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में कोई ऐसा काम ना करें या कोई ऐसी चीज चढ़ावे के रूप में ना चढ़ाएँ जो उन्हें पसंद ना हो। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो शिवलिंग के साथ नहीं करनी चाहिए।

शिवलिंग के साथ ऐसा भूलकर भी ना करें…..

कोने में ना रखें:-

शिवलिंग अगर घर में स्थापित कर रहे हैं तो उसे भूलकर भी कोने में या किसी ऐसी जगह ना रखें जहाँ आप उसकी पूजा ना कर पायें। ऐसा करने से भगवन शिव क्रोधित हो जाते हैं, और उनके क्रोध से बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है।

हल्दी ना चढ़ाएँ:-

जैसा की सभी जानते हैं हल्दी का इस्तेमाल औरतें अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए करती हैं। भगवान शिव को खुबसूरत दिखने की कोई इच्छा नहीं है, भगवन शिव एक पुरुष देवता हैं, इसलिए उन्हें हल्दी बिलकुल भी पसंद नहीं है। तो याद रखें उन्हें कभी भी हल्दी ना चढ़ाएँ।

सिंदूर के दूरी रखें:-

आप तो जानते ही हैं कि सिंदूर महिलाएँ लगाती हैं ताकि उनके पति की आयु लम्बी हो सके, और भगवन शिव विनाश के देवता हैं। इसलिए उन्हें सिंदूर बिलकुल भी पसंद नहीं है, तो इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें भूलकर भी सिंदूर ना चढ़ाएँ।

स्थान ना बदलें:-

शिवलिंग का स्थान ना बदलें, अगर किन्ही विपरीत कारणों से ऐसा करना पड़ रहा है तो इस बात का ध्यान रखें की शिवलिंग को हटाने से पहले उसे गंगाजल और ठंढे दूध से स्नान करायें फिर उसकी जगह को बदलें। ऐसा ना करने से भगवन शिव क्रोधित हो जाते हैं।

बिना किसी बर्तन के दूध ना चढ़ाएँ:-

कुछ लोग होते हैं जो सोचते हैं कि सीधे दुकान से पैकेट वाला दूध ख़रीदा और चढ़ा दिया, ऐसा करने से बचना चाहिए। बिना किसी बर्तन के दूध कभी भी नहीं चढ़ाना चाहिए। दूध चढ़ाते वक़्त एक बात का और ध्यान रखें दूध बिलकुल ठंढा होना चाहिए, भले ही बाहर कोई भी मौसम हो।

शिवलिंग की बनावट का रखें ध्यान:-

शिवलिंग स्थापित करने से पहले इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि शिवलिंग सोने, चाँदी या पीतल का बना होना चाहिए। एक बात और ध्यान रखनी चाहिए कि बिना साँप वाला शिवलिंग भूलकर भी घर नहीं लाना चाहिए।

पानी का रखें ख़ास ध्यान:-

आप जब भी किसी शिव मंदिर में जाते होंगे तो आपने देखा होगा कि शिवलिंग के ऊपर एक पानी से भरा पात्र लटका रहता है, जिससे हर समय पानी टपकता रहता है। इसलिए जब आप भी अपने घर पर शिवलिंग स्थापित करें तो पानी की व्यवस्था ठीक तरह से करें। दिन हो या रात हो हर समय शिवलिंग के ऊपर पानी गिरना चाहिए।

शिवलिंग को अकेले ना रखें:-

जब आप अपने घर पर शिवलिंग स्थापित कर रहे हों तो इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि शिवलिंग को कभी भी अकेले ना रखें। इसके साथ माँ पार्वती और गणेश की मूर्तियाँ भी रखें।

चन्दन का टिका लगायें:-

हर रोज स्नान करने के बाद शिवलिंग पर चन्दन का टिका लगायें, ऐसा माना जाता है कि इससे शिवलिंग पवित्र और ठंढा रहता है।

कभी ना चढ़ाएँ नारियल पानी:-

आपको इस बात का हमेशा ध्यान रखना होगा कि शिवलिंग पर कभी भी नारियल पानी नहीं चढ़ाना है। ऐसा करने से भगवान शिव क्रोधित हो सकते हैं। हालांकि आप इसकी जगह पर कच्चा नारियल चढ़ा सकते हैं।

कभी न चढ़ाएँ तुलसी की पत्ती:-

शिवलिंग पर भूलकर भी तुलसी की पत्तियाँ नहीं चढ़ानी चाहिए, शिवलिंग पर हमेशा बेलपत्र ही चढ़ाना चाहिए। बेलपत्र बहुत ही शुभ माना जाता है।

बेल चढ़ाएँ:-

बेल भगवन शिव को बहुत पसंद है, ऐसा माना जाता है कि यह फल चढ़ाने से इंसान की उम्र लम्बी होती है। इसलिए आप भी सुबह स्नान करने के बाद बेल के फल को भगवन शिव को चढ़ा सकते हैं, इससे आपकी उम्र और लम्बी हो जाएगी।

पंचामृत चढ़ाएँ:-

कोई भी पूजा शुरू करने से पहले शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाएँ। पंचामृत दूध, गंगाजल और चीनी जैसे पाँच चीजों से मिलाकर बनाया जाता है।

केवल सफ़ेद फूल चढ़ाएँ:-

जब बात फूलों की हो तो हमेशा शिवलिंग पर सफ़ेद फूल ही चढ़ाने चाहिए, यह कहा जाता है कि सफ़ेद फूल भगवान शिव को बहुत ज्यादा पसंद हैं। यह भी कहा जाता है कि भगवन शिव को भूलकर भी केवड़ा और चंपा के फूल नहीं चढ़ाने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन फूलों को भगवन शिव ने अभिशाप दिया था।

अभिषेक:-

जब भी शिवलिंग का अभिषेक करें इस बात का ध्यान रखें कि हमेशा शिवलिंग का अभिषेक चाँदी, सोने या पीतल से बने नाग योनी जैसे किसी पात्र में करना चाहिए। अभिषेक करते समय इस बात का भी ध्यान रखें की अभिषेक कभी भी स्टील के स्टैंड में नहीं करना चाहिए।

शिवलिंग पर चढ़ाया कभी ना खाएं:-

यह कहा जाता है कि जो भी शिवलिंग पर चढ़ाएँ उसे खुद कभी भी ना खाएं, हमेशा शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ दूसरों को बाँट देना चाहिए। जो शिवलिंग पर चढ़ाये हुए को खुद ही खा लेते हैं, ऐसा माना जाता है कि उनका भाग्य बुरा हो जाता है।

सौन्दर्य की कोई भी वस्तु ना चढ़ाएँ:-

सिंदूर की तरह ही भूलकर कोई भी सौन्दर्य प्रसाधन की वस्तु को शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए। ऐसी चीजें केवल आप माँ पार्वती की मूर्ति पर चढ़ा सकते हैं।

!!ॐ नम: शिवाय!!

तिजोरी या गल्ले में लगाएं आइना-
अपने घर या दुकान की तिजोरी या गल्ले में आइना लगाएं। ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे आमदनी अधिक होती है और पैसे भी कई गुना बढ़ जाते हैं। साथ ही गल्ले में चांदी या सोना का सिक्का रखना भी बहुत अच्छा माना जाता है।

मेरा खुद का अनुभव किया हुआ है और मेरे सब क्लाइंट लोगो को भी बताया गया टिप्स है। में चाहता हु आप सब को भी फायदा हो।

अगर नेगेटिव चीज़े रखी होगी तो उसका भी वैसा ही प्रभाव मिलेगा।

Place reflective mirror on all side of money drawer or your safe to increase the growth in money. If you keep negative items in drawer or safe then expect increase in negativity as well …Such as bills etc…

धन की कमी से ऐसे निपटें- राशि अनुसार अपनाएं सरल उपाय :-

धन की तंगी से जूझते लोगों के लिए अनमोल और कारगर उपाय। यह उपाय 12 राशियों के अनुसार बताए गए हैं। यह उपाय अगर अपने ईष्ट का स्मरण कर भक्ति भाव से पूजन और नियम से किए जाएं तो अवश्य ही घोर धन संकट का समाधान होता है। हमारे वेद और पुराणों में भी कर्म की आवश्यकता के बारे में बताया गया है। अत: धर्म के साथ कर्म अवश्य करें। सफलता जरूर मिलेगी।

मेष के लिए उपाय
मेष- मेष राशि वाले जातकों को शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर तेल का दीपक प्रज्ज्वलित करना चाहिए। अधिक फायदे के लिए उसमें दो काली मिर्च डाल दें। इस उपाय से जल्दी ही आर्थिक परेशानी दूर होती है। इसके अलावा अगर धन संबंधी कोई मामला अटका है तो उसमें भी फायदा होता है।

वृषभ के लिए उपाय
वृषभ – राशि वाले जातकों को आर्थिक फायदे के लिए पीपल के 5 पत्ते लेकर उन पर पीला चंदन लगाना चाहिए। इन पत्तों को किसी नदी या बहते हुए जल में बहाने से आर्थिक संकट शर्तिया दूर होता है। जमा पूंजी में वृद्धि करने, बढ़ाने के लिए पीपल के पेड़ पर चंदन लगाए और जल चढ़ाएं।

मिथुन राशि के लिए उपाय
मिथुन – राशि वाले जातकों को व्यापार या घर में धन वृद्धि के लिए बरगद के पांच फल लाकर उसे लाल चंदन में रंग कर नए लाल वस्त्र में कुछ सिक्कों के साथ बांध कर अपने घर अथवा दुकान के अग्रभाग में लगाना चाहिए इससे कल्पनातीत धन की प्राप्ति होती है।

कर्क राशि के लिए उपाय
कर्क – राशि वाले जातकों को धन प्राप्ति के लिए संध्या के समय पीपल के वृक्ष के नीचे तेल का पंचमुखी दिया जलाना चाहिए। इसके बाद करबद्ध होकर माता लक्ष्मी से धन लाभ की प्रार्थना करें। अचानक धन की प्राप्ति होगी।

सिंह राशि के लिए उपाय
सिंह – राशि वाले जातक यदि आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं और कुछ भी सही नहीं चल रहा है तो उनके लिए एक उपाय है कि वे कौड़ियों को हल्दी के घोल में भिगो कर उन्हें अपने पूजा घर में रखें, लेकिन इससे पूर्व लक्ष्मी जी के साथ उसकी पूजा करें।

कन्या राशि वालों के लिए उपाय
कन्या-राशि वाले जातकों के लिए बहुत ही सुंदर उपाय है। आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए – दो कमलगट्टे लेकर उन्हें माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करते हुए धन प्राप्ति की कामना करें।

तुला राशि के जातकों के लिए उपाय
तुला- तुला राशि वाले जातकों के लिए धन प्राप्ति हेतु सरल उपाय है। आपको शुक्र-पुष्य नक्षत्र का इंतजार करना होगा। इस शुभ नक्षत्र में लक्ष्मी मंदिर जाकर उन्हें पांच नारियल चढ़ाएं और सभी को नारियल का प्रसाद बांटे। हां एक साबूत नारियल को अपने पास रख लें। उसे आप बहते जल में बहा दें।

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए उपाय
वृश्चिक- वृश्चिक राशि वाले जातक का स्वामी ग्रह मंगल होता है। वे हमेशा अपने दिमाग में उलझे रहते हैं। यदि वे कर्ज की उलझन में फंसे हैं तो संध्या काल किसी भी विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में जाएं और वहां का जल एक पात्र में भर कर ले आएं, बाद में उसे पीपल के पेड़ की जड़ों में चढ़ा दें। इसके अलावा वह चाहें तो बड़ के पत्ते पर आटे का दिया जला कर उसे हनुमान जी के मंदिर में पांच मंगलवार को रखें।

धनु राशि के जातकों के लिए उपाय
धनु- धनु राशि वाले जातक यदि अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करना चाहते हैं तो गुलर के ग्यारह पत्तों को नाड़े से बांधकर किसी बरगद के वृक्ष पर बांध दें। आपकी मनोकामना पूरी होगी। इसके अलावा पीली कौड़ियां भी जेब में रख सकते हैं।

मकर राशि के जातकों के लिए उपाय
मकर- मकर राशि के जातकों के लिए आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए बहुत ही उत्तम उपाय है। उसके लिए आप शाम को आक की रूई का दीपक या एक रोटी अपने ऊपर से 21 बार उतार (वार) कर किसी तिराहे पर रख सकते हैं। इससे घर में बरकत रहने लगेगी।

कुंभ राशि के जातकों के लिए उपाय
कुंभ- कुंभ राशि के जातकों के लिए धन प्राप्त करने के बहुत ही सुंदर उपाय है। आप विष्णु-लक्ष्मी की संयुक्त रूप से प्रार्थना-पूजन करें। जहां पूजन करें वहीं रात भर जागरण करें। आपकी आर्थिक तंगी दूर होगी।

मीन राशि के जातकों के लिए उपाय
मीन- मीन राशि के जातकों के लिए धन लाभ हेतु बहुत ही सरल उपाय है। आप काली हल्दी की पूजा कर उसे अपने गल्ले में रखें और प्रतिदिन उसकी पूजा करें। यदि व्यापार में लाभ नहीं हो रहा है तो यह समस्या दूर हो जाएगी।

हमारे घनिष्ठ मित्र प• मणिकान्त पाण्डे॥

रोहित शाह

वास्तु आचार्य, मास्टर नुमेरोलॉजिस्ट, लाल किताब & फेंगशुई कंसल्टेंट

WhatsApp: 7776034447 / 9049410786

Email: MysticValues@gmail.com

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🌷 ज्योतिष टिप्स 🌷
ज्योतिष शास्त्र और वास्तु शास्त्र में अनेक चीजों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे ही एक चीज है कौड़ी।
यह समुद्र से निकलती है और सजावट में भी आती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धन प्राप्ति के लिए किए जाने वाले अनेक उपायों में भी कौड़ी का उपयोग किया जाता है।
🙏🏻 धर्म ग्रंथों के अनुसार, धन की देवी लक्ष्मी समुद्र से उत्पन्न हुई हैं और कौड़ी भी समुद्र से ही निकलती है। इसलिए कौड़ी में धन को आकर्षित करने का स्वभाविक गुण होता है। कौड़ी के इन उपायों से कोई भी व्यक्ति धनवान हो सकता है। ये उपाय बहुत ही आसान हैं। कौड़ी के कुछ अासान उपाय इस प्रकार हैं…
➡ 1. लक्ष्मी पूजा में 11 पीली कौड़ियां रखें और बाद में इन्हें लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी में रख लें। इससे धन लाभ के योग बन सकते हैं।
➡ 2. यदि प्रमोशन नहीं हो रहा है तो 11 कौड़ियां लेकर किसी लक्ष्मी मंदिर में अर्पित कर दें। आपके प्रमोशन के रास्ते खुल सकते हैं।
➡ 3. इंटरव्यू पर जाने से पहले 7 कौड़ियों की पूजा करें और एक लाल कपड़े में बांधकर अपने साथ ले जाएं। इससे सफलता मिल सकती है।
➡ 4. यदि दुकान से मुनाफा नहीं हो रहा हो तो गल्ले में 7 कौड़ियां रखें और सुबह-शाम इनकी पूजा करें। इससे फायदा होने लगेगा।
➡ 5. नया घर बनवाते समय उसकी नींव (ब्रह्मस्थान) में नाभि विधि की सामग्री के साथ में 21 कौड़ियां डाल दें। ऐसा करने से नए घर में हमेशा सुख-शांति व खुशहाली बनी रहेगी। पुराने घर में भी नाभि विधि कर सकते हो.

फ़ॉर कंसल्टेशन कॉल….
*रोहित शाह*
वास्तु आचार्य, मास्टर नुमेरोलॉजिस्ट ओर लाल किताब & फेंगशुई कंसल्टेंट।
WhatsApp: 9049410786 ओर 7776034447
ईमेल: MysticValues@gmail. com

गाय से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी

1. गौ माता जिस जगह खड़ी रहकर आनंदपूर्वक चैन की सांस लेती है । वहां वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं ।

2. गौ माता में तैंतीस कोटी(प्रकार के) देवी देवताओं का वास है ।

3. जिस जगह गौ माता खुशी से रम्भाने लगे उस जगह देवी देवता अदृश्य पुष्प वर्षा करते हैं ।

4. गौ माता के गले में घंटी जरूर बांधे । गाय के गले में बंधी घंटी बजने से गौ आरती होती है ।

5. जो व्यक्ति गौ माता की सेवा पूजा करता है उस पर आने वाली सभी प्रकार की विपदाओं को गौ माता हर लेती है ।

6. गौ माता के खुर्र में नागदेवता का वास होता है । जहां गौ माता विचरण करती है उस जगह सांप बिच्छू नहीं आते ।

7. गौ माता के गोबर में लक्ष्मी जी का वास होता है ।

8. गौ माता के मुत्र में गंगाजी का वास होता है ।

9. गौ माता के गोबर से बने उपलों का रोजाना घर-दूकान-मंदिर परिसरों पर धुप करने से वातावरण शुद्ध होता है सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

10. गौ माता की एक आंख में सूर्य देव व दूसरी आंख में चन्द्र देव का वास होता है ।

11. गाय इस धरती पर साक्षात देवता है ।

12. गौ माता अन्नपूर्णा देवी है कामधेनु है । मनोकामना पूर्ण करने वाली है ।

13. गौ माता के दुध मे सुवर्ण तत्व पाया जाता है जो रोगों की क्षमता को कम करता है।

14. गौ माता की पूंछ में हनुमानजी का वास होता है । किसी व्यक्ति को बुरी नजर हो जाये तो गौ माता की पूंछ से झाड़ा लगाने से नजर उतर जाती है ।

15. गौ माता की पीठ पर एक उभरा हुआ कुबड़ होता है । उस कुबड़ में सूर्य केतु नाड़ी होती है । रोजाना सुबह आधा घंटा गौ माता की कुबड़ में हाथ फेरने से रोगों का नाश होता है ।

16. गौ माता का दूध अमृत है।

17. गौ माता धर्म की धुरी है। गौ माता के बिना धर्म की कल्पना नहीं की जा सकती ।

18. गौ माता जगत जननी है।

19. गौ माता पृथ्वी का रूप है।

20. गौ माता सर्वो देवमयी सर्वोवेदमयी है । गौ माता के बिना देवों वेदों की पूजा अधुरी है ।

21. एक गौ माता को चारा खिलाने से तैंतीस कोटी(प्रकार के) देवी देवताओं को भोग लग जाता है ।

22. गौ माता से ही मनुष्यों के गौत्र की स्थापना हुई है ।

23. गौ माता चौदह रत्नों में एक रत्न है ।

24. गौ माता साक्षात् मां भवानी का रूप है ।

25. गौ माता के पंचगव्य के बिना पूजा पाठ हवन सफल नहीं होते हैं ।

26. गौ माता के दूध घी मख्खन दही गोबर गोमुत्र से बने पंचगव्य हजारों रोगों की दवा है । इसके सेवन से असाध्य रोग मिट जाते हैं ।

27. गौ माता को घर पर रखकर सेवा करने वाला सुखी आध्यात्मिक जीवन जीता है । उनकी अकाल मृत्यु नहीं होती ।

28. तन मन धन से जो मनुष्य गौ सेवा करता है । वो वैतरणी गौ माता की पूँछ पकङ कर पार करता है। उन्हें गौ लोकधाम में वास मिलता है ।

28. गौ माता के गोबर से ईंधन तैयार होता है ।

29. गौ माता सभी देवी देवताओं मनुष्यों की आराध्य है; इष्ट देव है ।

30. साकेत स्वर्ग इन्द्र लोक से भी ऊँचा गौ लोक धाम है।

31. गौ माता के बिना संसार की रचना अधुरी है ।

32. गौ माता में दिव्य शक्तियां होने से संसार का संतुलन बना रहता है ।

33. गाय माता के गौवंशो से भूमि को जोत कर की गई खेती सर्वश्रेष्ठ खेती होती है ।

34. गौ माता जीवन भर दुध पिलाने वाली माता है । गौ माता को जननी से भी उच्चा दर्जा दिया गया है ।

35. जहां गौ माता निवास करती है वह स्थान तीर्थ धाम बन जाता है ।

36. गौ माता की सेवा परिक्रमा करने से सभी तीर्थो के पुण्यों का लाभ मिलता है ।

37. जिस व्यक्ति के भाग्य की रेखा सोई हुई हो तो वो व्यक्ति अपनी हथेली में गुड़ को रखकर गौ माता को जीभ से चटाये , गौ माता की जीभ हथेली पर रखे गुड़ को चाटने से व्यक्ति की सोई हुई भाग्य रेखा खुल जाती है ।

38. गौ माता के चारो चरणों के बीच से निकल कर परिक्रमा करने से इंसान भय मुक्त हो जाता है ।

39. गाय माता आनंदपूर्वक सासें लेती है; छोडती है । वहां से नकारात्मक ऊर्जा भाग जाती है और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है जिससे वातावरण शुद्ध होता है ।

40. गौ माता के गर्भ से ही महान विद्वान धर्म रक्षक गौ कर्ण जी महाराज पैदा हुए थे ।

41. गौ माता की सेवा के लिए ही इस धरा पर देवी देवताओं ने अवतार लिये हैं ।

42. जब गौ माता बछड़े को जन्म देती तब पहला दूध बांझ स्त्री को पिलाने से उनका बांझपन मिट जाता है ।

43. स्वस्थ गौ माता का गौ मूत्र को रोजाना दो तोला सात पट कपड़े में छानकर सेवन करने से सारे रोग मिट जाते हैं ।

44. गौ माता वात्सल्य भरी निगाहों से जिसे भी देखती है उनके ऊपर गौकृपा हो जाती है ।

45. गाय इस संसार का प्राण है ।

46. काली गाय की पूजा करने से नौ ग्रह शांत रहते हैं । जो ध्यानपूर्वक धर्म के साथ गौ पूजन करता है उनको शत्रु दोषों से छुटकारा मिलता है ।

47. गाय धार्मिक ; आर्थिक ; सांस्कृतिक व अध्यात्मिक दृष्टि से सर्वगुण संपन्न है ।

48. गाय एक चलता फिरता मंदिर है । हमारे सनातन धर्म में तैंतीस कोटि(प्रकार के) देवी देवता है । हम रोजाना तैंतीस कोटि देवी देवताओं के मंदिर जा कर उनके दर्शन नहीं कर सकते पर गौ माता के दर्शन से सभी देवी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं ।

49. कोई भी शुभ कार्य अटका हुआ हो बार बार प्रयत्न करने पर भी सफल नहीं हो रहा हो तो गौ माता के कान में कहिये , रूका हुआ काम बन जायेगा ।

50. जो व्यक्ति मोक्ष गौ लोक धाम चाहता हो उसे गौ व्रती बनना चाहिए ।

51. गौ माता सर्व सुखों की दातार है ।

हे मां , आप अनंत हैं , आपके गुण अनंत हैं , इतना मुझमें सामर्थ्य नहीं कि मैं आपके गुणों का बखान कर सकूं ।

Rohitt Shah

Vastu Acharya & Master Numerologist

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7776034447

MysticValues@gmail.com

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