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Jap this all purpose Mantra for overall prosperity. Jap 1 Mala (108 times) after taking bath. Ideal time to Jap this mantra is during Brahma Muhurata i.e. timing between 4:30 AM to 5:15 AM.

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Article by अभिषेक पाण्डेय

गोमती चक्र विशेष प्रयोग / GOMTI CHAKRA  FOR HEALTH AND WEALTH

Kowri and Gomti Chakra Set - 7 PCs of Each - IMG2

गोमती चक्र से भली-भाँति परिचित हैं। गोमती चक्र समुद्र प्रदत्त  चामत्कारिक तंत्रोक्त वस्तु है गोमती  चक्र के प्रयोग अन्य तंत्रोक्त साधनाओं एंव प्रयोगों की भाँति कठिन अथवा दुष्कर नहीं हैं।गोमतीचक्र के प्रयोग बड़े ही सरल, किन्तु प्रभावकारी प्रयोग  होते है। यह लक्ष्मी जी की प्रिय वस्तुओं में से एक है और इसीलिए लक्ष्मी के आकर्षण और स्थायित्व के लिए प्रयोग किया जाता है।   शुभ मुहूर्तो में किए जा सकने वाले लाभकारी गोमती चक्र प्रयोगों के  कुछ प्रयोगों का वर्णन प्रस्तुत लेख में किया गया है।

(A) आर्थिक बाधा नाश और स्थायी लक्ष्मी हेतु :

1.  यदि आपको अचानक आर्थिक हानि होती हो, तो किसी भी मास के प्रथम सोमवार को २१ अभिमन्त्रित गोमती चक्रों को पीले अथवा लाल रेशमी वस्त्र में बांधकर धन रखने के स्थान पर रखकर हल्दी से तिलक करें । फिर मां लक्ष्मी का स्मरण करते हुए उस पोटली को लेकर सारे घर में घूमते हुए घर के बाहर आकर किसी निकट के मन्दिर में रख दें ।

2. यदि आपके परिवार में खर्च अधिक होता है, भले ही वह किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के लिए ही क्यों न हो, तो शुक्रवार को २१ अभिमन्त्रित गोमती चक्र लेकर पीले या लाल वस्त्र पर स्थान देकर धूप-दीप से पूजा करें । अगले दिन उनमें से चार गोमती चक्र उठाकर घर के चारों कोनों में एक-एक गाड़ दें । ११  चक्रों को लाल वस्त्र में बांधकर धन रखने के स्थान पर रख दें और शेष किसी मन्दिर में अपनी समस्या निवेदन के साथ प्रभु को अर्पित कर दें ।

3. यदि आप कितनी भी मेहनत क्यों न करें, परन्तु आर्थिक समृद्धि आपसे दूर रहती हो और आप आर्थिक स्थिति से संतुष्ट न होते हों, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार को २१ अभिमंत्रित गोमती चक्र लेकर घर के पूजा स्थल में मां लक्ष्मी व श्री विष्णु की तस्वीर के समक्ष पीले रेशमी वस्त्र पर स्थान दें । फिर रोली से तिलक कर प्रभु से अपने निवास में स्थायी वास करने का निवेदन तथा समृद्धि के लिए प्रार्थना करके हल्दी की माला से

 “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र की तीन माला जप करें । इस प्रकार सवा महीने जप करने के बाद अन्तिम दिन किसी वृद्ध तथा ९ वर्ष से कम आयु की एक बच्ची को भोजन करवाकर दक्षिणा देकर विदा करें ।

(B) धन प्राप्ति , स्थायित्व एवं समृद्धि हेतु

1.धन लाभ के लिए 11 गोमती चक्र अपने पूजा स्थान में रखें। उनके सामने श्रीं श्रियै  नम: का जप करें। इससे आप जो भी कार्य या व्यवसाय करते हैं उसमें बरकत होगी और आमदनी बढऩे लगेगी।

2. आठ गोमतीचक्र,  आठ कौड़ी एंव आठ लाल गुंजा साथ लेकर उनका पुजन करें।  उन्हें दक्षिणावर्ती शंख में थोड़े से चावल डालकर स्थापित कर दें।रात्रि में ही उन्हें लाल कपडे में बाँधकर धर अथवा व्यवसाय स्थल की तिजौरी में स्थापित कर दें। यह प्रयोग आपकी आय में वृद्धि के लिए है।

3. 11 गोमती चक्र, 11 काली हल्दी, एक सुपारी और एक सिक्का  पीले वस्त्र में लपेट कर तिजोरी में रखें तो वर्ष भर तिजोरी भरी रहेगी।

4. सात गोमती चक्रों को यदि चांदी अथवा किसी अन्य धातु की डिब्बी में सिंदूर तथा चावल डालकर रखें तो ये शीघ्र शुभ फल देते हैं।

 (C) व्यापर वृद्धि हेतु:

1. अगर किसी का व्यापार न चल रहा हो या व्यापार को कोई नजर लग गई हो या व्यापार में कोई परेशानी बार बार आ रही हो तो अपने व्यापार कि चोखट पर ११  गोमती चक्र एवं ३ लघु नारियल सिद्ध करके शुभ महुर्त में किसी लाल कपड़े में बांध कर टांग दें व् उस पर लाल कामिया सिंदूर का तिलक कर दें ध्यान रखे ग्राहक उस के निचे से निकले बस कुछ ही दिनों में आप का व्यापार तरकी पर होगा

2.  व्यवसाय स्थान पर पीतल के लोटे में जल रखा जाये और साथ गोमती चक्र उसके अन्दर डालकर खुला रखा जाये तथा जिस स्थान पर व्यापारी की बैठक है उसके दक्षिण-पश्चिम दिशा में इसे ऊपर की तरफ़ स्थापित करने के बाद रखा जाये सुबह को उस लोटे से सभी गोमती चक्र को निकाल कर उस पानी को व्यसाय स्थान के बाहर छिडक दिया जाये और नया पानी भरकर फ़िर से गोमती चक्र डालकर रख दिया जाये तो व्यवसाय में बारह दिन के अन्दर ही फ़र्क मिलना शुरु हो जाता है।

3.  व्यापर स्थान पर ग्यारह सिद्ध  गोमती चक्र और एक ९ मुखी रुद्राक्ष  लाल कपड़े में बांध कर धन रखने वाले स्थान पर रख दे तो व्यापर में बढ़ोतरी होती जाएगी।

(D)धन वापसी हेतु :

1. किसी भी शुक्रवार की रात 11 बजे बाद स्नान करके साफ सफेद कपड़े पहनें व पूर्व दिशा की ओर मुख करके कुश/ऊन के आसन पर बैठ जाएं। लकड़ी का एक बाजोट (पटिया) लगाकर उस पर सफेद कपड़ा बिछा दें। बाजोट के ऊपर पांच तिल के तेल के दीपक एक पंक्ति से जलाकर रख दें। दीपकों के सामने ही कुंकुम से रंगे चावलों की पांच ढेरियां बनाएं।

इनके ऊपर पांच गोमती चक्र तथा पांच हकीक पत्थर स्थापित कर पांच और  पांच लघु नारियल स्थापित करें। इन सभी पर कुंकुम का तिलक करें, चावल व फूल चढ़ाएं। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र की 21 माला जप करें-

मंत्र- “ॐ ह्रीं चिर लक्ष्मी ऐं आगच्छ स्वाहा”

साधना समाप्ति के बाद यह पूरी सामग्री लाल कपड़े में बांधकर अपने घर में रख दें। तीन महीने के अंदर खोया हुआ धन वापस मिल जाएगा

2. यदि किसी व्यक्ति को दिया हुआ धन वापस नही मिल रहा हो, तो शनिवार को उस व्यक्ति के  नाम अक्षरों के बराबर गोमती चक्र  लेकर मन ही मन धन की पुनः प्राप्ति की कामना करते हुए गोमतीचक्र को एक हाथ गहरी भूमि खोदकर एकांत स्थान में गाड़ दें। इस प्रयोग से धन वापस मिल जाता है

(E) शत्रु नाश  हेतु :

1. शत्रुओं से परेशानी का अनुभव कर रहें हों, तो दीपावली की रात्रि में बारह बजे के पश्चात् छह गोमती चक्र लेकर शत्रु का नाम लेते हुए उस पर लाल सिन्दूर लगाएँ और किसी एकांत स्थान पर जाकर गाड़ दें। गाडना ऐसे चाहिए कि वे पुनः निकालें नहीं। ऐसा करने से शत्रु बाधा में शीघ्र ही कमी होगी।

2.  गोमती चक्र को होली के दिन थोड़ा सिंदूर लगाकर शत्रु का नाम उच्चारण करते हुए जलती हुई होली में फेंक दें। आपका शत्रु भी मित्र बन जाएगा।

3. अगर कोई व्यक्ति होली के दिन 7 गोमती चक्र को सवा मीटर कपड़े में बांधकर अपने पूरे परिवार के ऊपर से ऊतारकर किसी बहते जल में फेंक दे तो यह एक तरह से परिवार की तांत्रिक रक्षा कवच का कार्य करेगा।

(F) स्वास्थ्य  प्राप्ति हेतु :

1.  गोमती चक्र को साफ जल से धो कर एक लाल वस्त्र बिछा कर उस पर स्थापित करें। सिंदूर लगाएं, देशी घी का दीपक जलाये  धुप दें और निम्न   मंत्र का ११ माला  जप करें

“ॐ वॉ आरोग्यानिकारी रोगानशेषानंम”

 इस प्रकार जब ग्यारह मालाए सम्पन हो जाए तब साधक को वह गोमती चक्र सावधानी पूर्वक एक तरफ रख देना चाहिए वह गोमती चक्र तीन वर्ष तक प्रभावित रहेगा इस का प्रयोग बीमारी पर विशेष रूप से किया जाता है कोई बीमारी हो तो एक साफ गिलास में शुद्ध गंगा जल लेकर उस में यह गोमती चक्र डाल दे और ऊपर लिखे मन्त्र को इक्कीस बार मन ही मन उच्चारण कर उस गोमती चक्र को बाहर निकल दे व् वो पानी रोगी को पिला दें तो वह रोगी जल्दी ही ठीक होने लग जाएगा आश्चर्य कि बात यह है कि ऐसा प्रयोग किसी भी रोगी पर किया जा सकता है चाहे कोई भी रोग क्यों न हो

 तीन वर्ष के बाद इस प्रकार के गोमती चक्र को पुनः सिद्ध किया जा सकता है।

2.  यदि बीमार ठीक नहीं हो पा रहा हो अथवा दवाइयाँ नही लग रही हों, तो उसके सिरहाने पाँच गोमती चक्र उपरोक्त  मंत्र से अभिमंत्रित करके रखें। ऐसा करने से रोगी को शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ होगा।

3  रोग-मुक्ति के लिएः परिवार में यदि कोई असाध्य रोगी है, तो चार गोमती चक्र लाकर उन्हें जल से स्वच्छ करें। डंठल सहित दो पान के पत्ते लें। एक जोड़ा लौंग को घी में डुबोकर पान के पत्तों पर रखें और पान के पत्तों को इस प्रकार लपेट लें कि सारी सामग्री अंदर बंद हो जाए। चाहें तो काले धागे से बांध सकते हैं। अब दाएं हाथ में चार गोमती चक्र तथा बाएं हाथ में पान लेकर होलिका की 11 परिक्रमा करें। प्रत्येक परिक्रमा में रोगी के स्वस्थ होने के बारे में निवेदन करें। होलिका को प्रणाम करें और गोमती चक्र को घर ले आएं। वे चारों गोमती चक्र रोगी के पलंग के चारों पायों में बांध दें। रोगी की जो चिकित्सा चल रही है, उसे चलने दें। रोजाना सुबह उठते ही रोगी के स्वास्थ्य की कामना करें। लाभ मिलेगा।

 4 . यदि किसी का स्वास्थ्य अधिक खराबरहता हो अथवा जल्दी-जल्दी अस्वस्थहोता हो, तो चतुर्दशी को ११ अभिमंत्रित गोमती चक्रों को सफेद रेशमी वस्त्र पर रखकर सफेद चन्दन से तिलक करें । फिर भगवान् मृत्युंजय से अपने स्वास्थ्य रक्षा का निवेदन करें और यथा शक्ति महामृत्युंजय मंत्र का जप करें । पाठ के बाद छह चक्र उठाकर किसी निर्जन स्थान पर जाकर तीन चक्रों को अपने ऊपर से उसारकर अपने पीछे फेंक दें और पीछे देखे बिना वापस आ जायें । बाकि बचे तीन चक्रों को किसी शिव मन्दिर में भगवान्शि व का स्मरण करते हुए शिवलिंग पर अर्पित कर दें और प्रणाम करके घर आ जायें । घर आकर चार चक्रों को चांदी के तार में बांधकर अपने पंलग के चारों पायों पर बांध दें तथा शेष बचे एक को ताबीज का रुप देकर गले में धारण करें ।

5 .  चार गोमती चक्र लेकर उपरोक्त मंत्र से अभिमंत्रित कर रोगी के पलंग के चारों पायों में नकले धागे से बांध दें और स्वस्थ होने पर उन्हें पीपल के निचे गाड़ दें या प्रवाहित कर दें।

6 . पेट संबंधी रोग होने पर 10 गोमती चक्र लेकर रात को पानी में डाल दें तथा सुबह उस पानी को पी लें। इससे पेट संबंध के विभिन्न रोग दूर हो जाते हैं।

(G ) संतान बाधा हेतु :

1 .  महानिशा में माँ लक्ष्मी का ध्यान करते हुए एक गोमती चक्र एंव दो कौडी एक लाल कपड़े में बाँधकर गर्भवती महिला की कमर में बाँध दें। ऐसा करने से गर्भ गिरने की आशंका नहीं रहती है।

2 . अगर संतान कि प्राप्ति में किसी तरह की कोई बाधा आ रही हो तो यह प्रयोग अवश्य ही करे पाँच सिद्ध गोमती चक्र लेकर किसी नदी या तालाब में पाँच बार यह मन्त्र बोल कर विसर्जित कर दे तो संतान की बाधा समाप्त हो जाएगी मन्त्र इस प्रकार है

ओम गर्भरकक्षांम्बिकाय़ै च विद्महे, मंगल देवतायै च धीमहि, तन्नौ देवी प्रचोतयात्।

(H )  गृह क्लेश नाश हेतु ;

1  . यदि आप गृह क्लेश से पीडित है और आपकी सुख शांति दूर हो गई है, तो 3  गोमती चक्र लेकर एक डिब्बी में पहले सिन्दूर रखकर उसके ऊपर रख देना चाहिए और उस डिब्बी को किसी एकांत स्थान पर रख दें। यह प्रयोग घर में किसी अन्य सदस्य को भी नहीं बताएँ, ऐसा करने से शीघ्र ही आपकी मनोकामना पूर्ण होगी। 

2 . अगर पति पत्नी में रोजाना कोई लड़ाई होती हो या झगड़ा इतना बड़ गया हो कि बात तलाक तक पहुच गयी हो तो ऐसे में तीन सिद्ध किये हुए गोमती चक्र लेकर घर के दक्षिण में हलु बलजाद कहकर फेकं दें ऐसा हफ्ते में तीन बार करे परेशानी कम हो जाएगी

3 . ग्यारह गोमती चक्र लेकर लाल सिंदूर की डिब्बी में भरकर अपने घर में रखने से दाम्पत्य प्रेम बढ़ता है।

(I ) नौकरी और सफलता हेतु :

1 . यदि गोमती चक्र को लकड़ी की डिब्बी में पीले सिंदूर के साथ रख दिया जाए, तो ऐसे व्यक्ति को जीवन में सफलता मिलने लगती है। यदि धनागम के सभी मार्ग अवरूद्ध हो रहे हों तों वह प्रयोग करने से शीघ्र ही धन लाभ प्रराम्भ हो जाता है।

2 . अगर नोकरी न मिल रही हो या  नोकरी में कोई तरकी नही हो रही है  तो उसे सिद्ध किया हुआ एक गोमती चक्र रोजाना शिव लिंग पर चढ़ाना चाहिए ऐसा इक्कीस दिन लगातार करने पर नोकरी में बन रही कोई भी अड़चन समाप्त हो जाएगी। 

3 . अगर किसी का भाग्य उदय न हो रहा हो तो उसे सिद्ध तीन गोमती चक्र का चूर्ण बना कर शुभ महूर्त में अपने घर के बाहर बिखेर देने से दुर्भाग्य समाप्त हो जाता है

(J ) कार्य सिद्धि  हेतु :

1 . यदि किसी व्यक्ति से कोई कार्य सिद्ध करवाना हो, तो उस व्यक्ति के ऊपर से गोमती चक्र पाँच बार बहते हुए जल में डाल दें।

(K ) विद्यार्थियों  हेतु :

 1. यदि किसी व्यक्ति का मन उखडा-उखडा रहता हो,  किसी काम में मन नही लगता हो, विधार्थियों को शिक्षा में एकाग्रता न मिल रही हो, तो गोमती चक्र को सात बार अपने सिर पर  फिराकर खुद ही अपने पीछें दक्षिण दिशा की ओर फेंक देना चाहिए। यह प्रयोग एकांत स्थान पर करना चाहिए तथा प्रयोग के बाद किसी से इनका जिक्र नहीं करना चाहिए।

(L ) ऊपरी बाधा हेतु :

1  अगर किसी को भुत प्रेत का उपद्रव हो तो सिद्ध किया हुआ गोमती चक्र दो दाने लेकर उस इन्सान के सर से ७ बार वार कर जलती अग्नि में डाल देने से भुत प्रेत का उपद्रव समाप्त हो जाता है अगर किसी के घर पर ऐसा हो तो पुरे घर पर या रसोई से वार कर अग्नि में डाल देने से घर का भी दोष समाप्त हो जाता है। 

2  अगर किसी पर कोई किया कराये का असर है तो पाँच बुध वार लगातार  सिद्ध चार गोमती चक्र अपने सर से वार कर चारो दिशाओ में फ़ेंक दे दोष समाप्त हो जायेगा। 

(M ) विवाद विजय हेतु :

 (1 ) अगर किसी को कोट कचहरी के चक्र पड रहे हो तो उसे सिद्ध दो गोमती चक्र लेकर अपने घर से निकलते समय अपने दाए पांव के निचे रख कर ऊपर से पांव रख कर कोट जाने से समस्या कम हो जायेगी।

(2 ) तीन गोमती चक्र को जेब में रखकर किसी मुकदमे या प्रतियोगिता के लिए जाएं तो निश्चित ही सफलता मिलेगी।

(N) सम्मान प्राप्ति हेतु :

 सम्मान की खातिर सिद्ध 5  गोमती चक्र को ५ गुरुवार मंदिर  में किसी ब्राह्मण को दान दे व् साथ में उसे भोजन अवश्य ही करवे राज्य संबंधी कोई भी समस्या हो समाप्त हो जायेगी

(O ) नज़र दोष हेतु :

1 .  अगर किसी बच्चे को नजर जल्दी लगती हो तो उसे सिद्ध गोमती चक्र चांदी में जड़वा कर पहना दे नजर दोष से मुक्ति मिलेगी व वो सवस्थ भी रहेगा । 

2 . यदि  नजर जल्दी लगती हो, तो पाँच गोमती चक्र लेकर किसी सुनसान स्थान पर जायें । फिर तीन चक्रों को अपने ऊपर से सात बार उसारकर अपने पीछे फेंक दें तथा पीछे देखे बिना वापस आ जायें । बाकी बचे

दो चक्रों को तीव्र प्रवाह के जल में प्रवाहीत कर दें ।

3 . यदि आपके बच्चे अथवा परिवार के किसी सदस्य को जल्दी-जल्दी नजर लगती हो, तो आप शुक्ल पक्ष

की प्रथमा तिथि को ११ अभिमंत्रित गोमती चक्र को घर के पूजा स्थल में मां दुर्गा की तस्वीर के आगे लाल या हरे रेशमी वस्त्र पर स्थान दें । फिर रोली आदि से तिलक करके नियमित रुप से मां दुर्गा को ५ अगरबत्ती अर्पित करें । अब मां दुर्गा का कोई भी मंत्र जप करें । जप के बाद अगरबत्ती के भभूत से सभी गोमती चक्रों पर तिलक करें । नवमी को तीन चक्र पीड़ित पर से उसारकर दक्षिण दिशा में फेंक दें और एक चक्र को हरे वस्त्र में बांधकर ताबीज का रुप देकर मां दुर्गा की तस्वीर के चरणों से स्पर्श करवाकर पीड़ित के गले में डाल दें । बाकि बचे सभी चक्रों को पीड़ित के पुराने धुले हुए वस्त्र में बांधकर अलमारी में रख दें ।

4 . यदि आपका बच्चा अधिक डरता हो, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को हनुमान् जी के मन्दिर में जाकर एक अभिमंत्रित गोमती चक्र पर श्री हनुमानजी के दाएं कंधे के सिन्दूर से तिलक करके प्रभु के चरणों में रख दें और एक बार श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें । फिर चक्र उठाकर लाल कपड़े में बांधकर बच्चे के गले में डाल दें।

आशा है आप इनमे से कुछ प्रयोग आगामी होली और नवरात्री पर अवश्य करेंगे और लाभ उठाएंगे। 

अभिषेक पाण्डेय

BELOW IS STRAIGHT ENGLISH TRANSLATION (Online) so may not be 100%

Gomti Chakra Special Experiment / GOMTI CHAKRA FOR HEALTH AND WEALTH

Many of you are well familiar with Gomti Chakra. The Gomti Chakra is a sea-based mystical product, the use of Gomti Chakra is not difficult or difficult as other tantrik VIDHIs. This is Lakshmi ji’s one of the favorite things and is therefore used for the attraction and stability of Lakshmi. Some experiments of beneficial Gomti Chakra experiments that can be performed in auspicious time have been described in the article.

(A) For economic constraints and permanent laxmi:

1. If you face sudden financial loss, then on 1st Monday of any month, keep 21 arranged Gomti chakras in yellow or red silk cloth and keep it in place of keeping the money in place with TILAK of turmeric (HALDI KA TIKKA). Then remember Mother Lakshmi, go around the house with that cloth and after that leave the house and goto near by temple and place the cloth with GOMTO Chakra.

2. If the expenses in your family are high, even if it is for some important work, then worship it with a lamps (DIYA) on Friday, place in yellow or red clothes with 21 Gomti chakras. On the next day, pick up four of them Gomti Chakra and burry 1 gomti chakra in the four corners of the house. Put 11 chakras in red cloth and keep it in place where you keep wealth, and the remaining one offer in near by Temple or Laxmiji temple with your wish.

3. If you do not do any hard work, but economic prosperity stays away from you and you are not satisfied with the financial condition, then on the first Thursday of the Shukla paksha, take 21 energised Gomti Chakra  to Lakshmi OR Shri Vishnu MURTI OR Picture in yellow silk dress and keep it there. Then tilak from Roli (KUMKUM) and pray to the Lord for permanent residence in house and pray for prosperity with the turmeric rosary
Chant three MALA (324 times) of “Namo Bhagwati Vasudev” mantra. Thus, after chanting the 41 days of Chanting the Mantra, on the last day, after giving the food to a girl under age 9 and/OR  to aged lady, give food and dakshina.

(B) For money acquisition, stability and prosperity

1. Keep 11 Gomti Chakras in your worship place for profit. Chant Shri Shreyai Namah in front of him. With this, whatever work or business you do, it will take place and earnings will increase.

2. Take eight Gomti Chakra, eight cohorts and eight red buns and worship them. Put them in a dakshinavarthi conch and put them in a small amount of rice and set them in red in the night and establish them in the treasury of the business place. This experiment is meant to increase your income.

3. Put 11 Gomti Chakra, 11 Black turmeric, one betel nut and one coin in a yellow garment and keep it in the safe, then the safe will be filled throughout the year.

4. If seven gomati chakras are put in vermilion and rice in silver or any other metal box, then they quickly give auspicious effect.

(C) For business growth:

1. If anyone’s business is not being run or bad eye (NAZAR LAGI HO) on business or there is a problem in the business growth, then on 11 Gomti Chakra and 3 small coconut (LAGU NARIYEL) by virtue of your business, in any red dress in auspicious glory. Bind it and let it tilak the red kamira vermilion on it. Keep in mind that the customer will come from the bottom of it, in just a few days your business will be on the road

2. Put water in brass lattice on business premises and put Gomti Chakra inside it and open at the place where it is located in the south-west direction of the businessman’s meeting, in the morning, Remove all the Gomti Chakra from that water and sprinkle it out of the business premises and fill it with fresh water and put it in the Gomti Chakra and then put it within twelve days of business. The start of getting started.

3. On the business place, eleven Siddha Gomti Chakra and one 9 Mukhi Rudraksha tied in red cloth and keep them in the place of wealth, then the trade will increase.

(D) For refund:

1. After a Friday night, after 11 pm, wear clean white clothes and face east direction and sit on the seat of Kush / wool. Apply a wooden wooden plate and apply white cloth on it. Burn the lamp of five sesame oil over a Bajot with a line. Make five hairs of rice with kuncum in front of the lamp.
Set up five Gomti Chakra and five hard rock stones to install five and five small coconut. Tilak kumkum, rice and flowers on all these. After this, chant 21 beads of the mantra written below-

Mantra- “Hari chir laxmi ai achcha swaha”

After completion of the practice, keep this whole material in red cloth and put it in your house. Money lost within three months will be recovered.

2. If the money given to a person is not getting back, then on Saturday, in the name of that person, Gomti Chakra equal to the letters and wishing for the recovery of mind money, Gomati Chakra by digging a deep land and digging in the solitary place Please give it. Money is recovered from this experiment

(E) For the destruction of enemy:

1. If you are experiencing trouble from enemies, then after twelve o’clock in the night of Deepawali, take the name of enemy with six Gomti Chakra, then place a red vermilion on it and go to a solitary place and bury it. They should not be remedied so that they can not be recovered. This will reduce the enemy obstacle soon.

2. Gomti Chakra on the day of Holi by adding a vermilion and pronouncing the enemy’s name in the burning Holi

3. If a person unloads 7 Gomti Chakra in a quarter-a-meter cloth on the day of Holi and throws it out of his entire family and throws it into some water, then it will act as a tantrik protector of the family in a way.

(F) For health recovery:

1. Wash the Gomti Chakra with clean water and apply a red cloth and apply it on it. Apply vermilion and heat the lamp of the country ghee and chant the 11 mantras of the following mantra.
“Waugh’s Healthy Disease Recovery”
Thus, when eleven beads are finished, then the seeker should keep this Gomti Chakra carefully on one side. The Gomti Chakra will be affected for three years. This is used especially on the disease. If there is any disease then the pure Ganga in a clean glass By taking water, put this Gomti Chakra in it and by pronouncing the mind written above the mind twenty-one times, you can get out of that Gomti Chakra and give that water to the patient, then that disease Will look to recover quickly so surprising thing is that can be used on any patient, whatever disease may be
After three years, this type of Gomti Chakra can be reproduced.

2. If the sick can not be cured or medicines are not appearing, then keep the five Gomti chakras from the above mentioned mantra with the help of the above mentioned mantra. By doing so, the patient will get health benefits soon.

3 disease-freedom ONLY: If an incurably sick in the family, then brought four Gomti cycle with water to clean. Take two leaf leaves with stalks. Immerse one clove of ghee on the leaves of pan and wrap the leaves of pan in such a manner that all the contents are closed inside. If you like, you can bind them with black thread. Now, in the right hand, take four Gomti Chakra and 11 panels of Holika by taking a leaf in the left hand. Regarding the patient’s health in each orbit. Salute the Holika and bring Gomti Chakra to the house. They all tied the Gomti Chakra in the four legs of the patient’s bed. Let the patient’s medicine run, let it run. Wish the patient’s health every morning as soon as possible. Will get the benefit.

4. If someone’s health is more or less unhealthy, then keep Chaturdashi with eleven sweet Gomti chakras on white silk cloth and tilak it with white sandalwood. Then request God for his health protection with the death of rebirth and chant the mantra of Mahamrityunjaya as power. After reading the six chakras by taking six chakras, go to a deserted place and throw three chakras from your back and throw it behind you and come back without looking back. Offer the remaining three chakras on Shivaalinga, remembering Lord Shiva in any Shiva temple, and come home with devotion. Come home and bind four chakras in silver wire and bind them on the four legs of their pins and keep the remaining one in the form of amulets and put them in the neck.

5. Taking four Gomti chakras, bury the above mentioned spell and bind them in the four legs of the patient’s bed and keep them under the pulp when they are healthy or flushed.

6. After having stomach disorders, add 10 grams of water in the water and drink that water in the morning. This removes various diseases of abdominal pain.

(G) For obstruction of child:

1. Taking care of Mother Lakshmi in Mahanishasha, wrap a Gomti Chakra and two cloves in a red cloth and bind her pregnant woman. Doing so does not endanger the pregnancy.

2 . If there is any obstacle in achieving the child, then this experiment must be done through five proven Gomti Chakra and immerse it in five rivers in a river or pond, then the barrier of the child will end, the mantra is thus
Om pregnant women, mother goddess Chai Dhami, Tannau Devi Sarbot.

(H) for the destruction of home conflict;

1. If you are suffering from home distress and your happiness has become disturbed, then with 3 Gomti chakra, put a beetle in a box and put it on top and place that box in a lonely place. Do not tell this experiment to any other members in the house, doing so will fulfill your wishes soon.

2 . If there is a fight every day in the husband’s wife or the quarrel has grown so much that if the matter has reached the divorce, then in the same manner, with three proven Gomti Chakra, throw the Halu forcezad in the south of the house and do it three times a week, Will go

3. Eleven Gomati Chakra keep your house by filling in the red vermilion of the conjugal love grows.

(I) For job and success:

1. If Gomti cycle Debbie wooden yellow hung with vermilion, then a person can be expected to succeed in life. All of the money back route are blocked from using the es it soon becomes Prramb profits.

2 . If you are not getting a job or getting any job in the job, then a Gomti Chakra that has been proven to be done on Shiv Ling should be done daily. If you do this for twenty-one days, any hindrance in the job will end.

3. If someone’s fate is not emerging, then he will make a powder of the three Gomti Chakra, and unravel the misery outside of his house in auspicious time.

(J) For work accomplishment:
1. Proved to be a task to a person, then that person five times in the running water from the top of the circle put Gomti.

 

(K) For students:

1. If a person’s mind is unruly and does not feel like doing any work, the students are not getting concentration in education, then they take Gomti Chakra seven times on their heads and throw themselves towards the south direction. Should give. This experiment should be done in a lonely place and should not mention it to anyone after the experiment.

(L) For upper barrier:

1 If someone is a victim of a ghostly ghost, then the Gomti Chakra, proven by taking two grains and putting it in a burning fire 7 times in the head of that person, the fury of the ghost phantom ends, if it is so at home Blaming the house or kitchen by putting it in the fire also reduces the defects of the house.

2 If someone has an effect on someone, then the five Mercury Maratha, continuously stabbed four Gomti Chakra, will throw them out in four directions and the defect will end.

(M) Dispute to win:

(1) If someone is walking in the wheel of the coat, then with the perfect Gomti Chakra, leaving the house below the feet while leaving your house, the problem will be reduced by leaving the coat with the feet above it.

(2) If you go for a lawsuit or a contest by placing three Gomti Chakras in a pocket, then surely you will get success.

(N) For attaining respect:

For the sake of respect, 5 Gomti Chakra will donate to a Brahmin in the temple on 5th Thursday, and with the help of food, it will end any problems related to the state.

(O) For face defects:

1. If a child is quick to notice, then he will get rid of the defect in the perfect Gomti Chakra silver and it will also be safe.

2 . If the sight is fast, then go to a deserted place with five Gomti Chakra. Then throw three chakras above your head and throw it behind you and come back without looking back. The remaining one
Let the two chakras flow in the water of acute flow.

3. If a member of your child or family is seen quickly, then you are shukal party
On the pre date of the 11 eleven, Gomti Chakra, place on the red or green silk cloth in front of the picture of the mother Durga in the worship place of the house. Then offer 5 agarbattas to Lord Durga regularly by tilak from Roli etc. Now chant any mantra of Durga. After chanting, tilak on all the Gomti Chakras from the incense burns. Throw the Navami on three cycles of suffering and throw it in the south direction and bind one chakra in a green garment and give it as a talisman by touching the feet of the picture of Mother Durga and putting it in the victim’s throat. Keep all the other remaining chunks in the old wash clothes of the victim and put it in the cupboard.

4. If your child is more afraid, then go to the temple of Hanuman ji on the first Tuesday of the Shukla party and keep a tilak from the right shoulder of Shri Hanumanji on the right side of the Gomti Chakra and keep it at the feet of Lord and once recite Sri Hanuman Chalisa . Then take the wheel and put it in a red cloth and put it in the child’s throat.

Hope you will use some of these experiments on upcoming Holi and Navratri and will take advantage.

 Courtasy अभिषेक पाण्डेय

Based on your birthdate, carry these items with you to be on winning seat during important meet or wants your wallet always full.  Try it for few days and see the changes. Love to hear from your experiences – please do leave comments and like the page.

Other Items one should always keep in Pocket are:

  1. Gomti Chakra: Promote health, happiness and wealth for your family. One of the loved items by Godess Laxmi. Also wearing a ring made in Silver consider to bring prosperity, good health.
  2. Sea shells – Contains all the vibrations of the universe and also associated with goddess Laxmi, when kept in your pocket promote good health.
  3. A few rice grains, if kept in your pocket will promote abundance.
  4. Silver Coin: You should also keep a silver coin in your pocket — this will make you prosperous and will also promote good health
  5. Photo of Godess Laxmi: A picture of Goddess Laxmi in a sitting position with her 2 elephants is said to bring in health and prosperity for you when you keep it in your pocket. One should also keep in SE direction of House/Office
  6. She Yantra: Keeping small Shree Yantra also brings prosperity, happiness.

Other items one can keep is Peepal leaf, lotus seed, small piece of Silver/Brass

Your support will encourage me to post more relevant and life changing post.

Note: After placing remedies one may experience more negativity which is normal and one should continue with remedies as after 5-20 days one will start seeing positive results.

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Shani-arti

Shani-arti (Photo credit: Wikipedia)

 

The bad effects of Dhaiya of Saturn can be reduced with the help of Pooja, Mantras, Gemstones and Charities.

 

Shani Mantra is very effective during Sade SAATI – see Nav Graha blog for mantra. Also burning ( south direction) a oil (sesame) lamp every morning after bath is effective.

 

Mantras for Lord Shani or Saturn

 

English: World Famous Lord Shani Dev Idol at S...

English: World Famous Lord Shani Dev Idol at Shani Temple, Delhi (Photo credit: Wikipedia)

 

  • Beeja Mantra of SaturnAum śam śanaiścārāya namah

 

  • Mantra Japa for Shani Sade Sati Aum prām prīm praum śanaiścārāya namah

 

  • Ekadashakshari Hanuman Mantra – Aum ham rudrāya hanumate namah

 

  • Lord Shani Mantra –

 

  1. Niilaambujasamaabhaasam raviputram yamaagrajam Chaayaamaartandasambhuutam tam namaami shanaishacaram
  2. Om Shaanaishcaraaya namah

 

Other remedies

 

  • Chant Hanuman Chalisa 3 times a day or
    Hanuman Temple Chalisa Audio

    Hanuman Temple Chalisa Audio (Photo credit: HostingCoupons)

    one time in a day but you must do.

  • Wear ring in middle finger made of horse-shoe – should be worn on Auspicious day after chanting Shani mantra for 108 time.

 

The Effect of “Sade-Sati” remain for seven and a half years and that Of “Daiya” remains for two and a half years.

 

This generally Effects health, mental peace and finance.

 

 

 

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