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*विष्णु सहस्रनाम मंत्र और इसके लाभ*

नुमेरोलॉजि में अंक 5 की सबसे बड़ा रेमेडी है। Remedy for number 5 in Numerology. Mercury Remedy. Ank 5 aisa number jo baki sub number se friend he or iska strong hone se baki anko se bhi fayda milta he।

Must Mantra for all those who has number 5 missing in their birthdate.

विष्णु सहस्रनाम एक ऐसा मंत्र है जिसमें विष्णु के हजार नामों का सम्मिश्रण है अर्थात अगर कोई व्यक्ति भगवान विष्णु के हजार नामों का जाप नहीं कर सकता है तो वह इस एक मंत्र का जाप कर सकता है। इस एक मंत्र में अथाह शक्ति छिपी हुई है जो कलयुग में सभी परेशानियों को दूर करने में सहायक है।

*विष्णु सहस्रनाम स्त्रोत्र मंत्र :-*

नमो स्तवन अनंताय सहस्त्र मूर्तये, सहस्त्रपादाक्षि शिरोरु बाहवे।
सहस्त्र नाम्ने पुरुषाय शाश्वते, सहस्त्रकोटि युग धारिणे नमः।।

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*शैव और वैष्णवों के मध्य यह सेतु का कार्य करता है ये मंत्र :-*

इस मंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि हिन्दू धर्म के दो प्रमुख सम्प्रदाय शैव और वैष्णवों के मध्य यह सेतु का कार्य करता है।

*विष्णु सहस्रनाम में विष्णु को शम्भु, शिव, ईशान और रुद्र के नाम से सम्बोधित किया है, जो इस तथ्य को प्रतिपादित करता है कि शिव और विष्णु एक ही है।* विष्णु सहस्रानम में प्रत्येक नाम के एक सौ अर्थ से कम नहीं हैं, इसलिए यह एक बहुत प्रकांड और शक्तिशाली मंत्र है, शंकराचार्य और पारसर भट्ट जैसे प्रसिद्ध व्यक्तित्व ने इस पवित्र पाठ पर टिप्पणियां लिखी हैं।

*विष्णु सहस्रनाम उद्ग्म स्रोत :-*

विष्णु सहस्रनम की उत्पत्ति महाकाव्य महाभारत से मानी जाती है, जब पितामह भीष्म, पांडवों से घिरे मौत के बिस्तर पर अपनी मृत्यु का इंतजार कर रहे थे, उस समय युधिष्ठिर ने उनसे पूछा, “पितामह! कृपया हमें बताएं कि सभी के लिए सर्वोच्च आश्रय कौन है? जिससे व्यक्ति को शांति प्राप्त हो सके, वह नाम कोनसा है जिससे इस भवसागर से मुक्ति प्राप्त हो सके, इस सवाल के जबाब में भीष्म ने कहा की वह नाम विष्णु सहस्रनाम है ।

*ज्योतिषीय लाभ :-*

यह नकारात्मक ज्योतिषीय प्रभावों को वश में करने में मदद करता है, इनमें उन दोषों को शामिल किया जाता है जो जन्म समय की ग्रहों की खराब स्थिति से उत्पन्न होते हैं, विष्णु सहस्त्रनाम बुरी किस्मत और श्राप से दूर कर सकता है।

*अच्छा भाग्य और तकदीर:-*

जो व्यक्ति विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करता है उसका भाग्य हमेशा उसका साथ देता है।

*मनोवैज्ञानिक फायदे :-*

इसका मनोवैज्ञानिक लाभ भी है , दैनिक विष्णु सहस्रनाम का जप करते हुए मन को काफी आराम मिलता हैं और अवांछित चिंताओं और विचलित विचारों से मुक्ति मिलती है, इससे मन में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने और कुशलता सीखने को मिलती है।

*बाधाएं दूर होती हैं :-*

विष्णु सहस्त्रनामम अपने जीवन में बाधाओं को दूर करने का अंतिम उपाय है, यह आपके जीवन में मौजूद महत्वपूर्ण योजनाओं को तेज़ी से और आपके रास्ते पर बाधाओं और चुनौतियों को दूर करने में मदद कर सकता है, बढ़ती ऊर्जा स्तर और आत्मविश्वास के साथ, आप अपने जीवन के लक्ष्यों की ओर जल्दी और ऊर्जावान रूप से आगे बढ़ सकते हो ।

*रक्षात्मक कवच*

भगवान विष्णु का नाम दुर्भाग्य, खतरों, काला जादू, दुर्घटनाओं और बुरी नज़रों से व्यक्ति की रक्षा करने के लिए एक बहुत शक्तिशाली कवच की तरह कार्य करता है और दुश्मनों की बुरी योजनाओं से मन और शरीर की सुरक्षा करता है।

*पापों को मिटाना*

यह शक्तिशाली मंत्र एक व्यक्ति को अपने सारे जन्मों में अपने सभी पापों को मुक्त करने में सहायता कर सकता है।

*सन्तति देता है :-*

विष्णु के हजारों नामों का जप करने से बांझपन को दूर करने और परिवार में संतान प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। यह घर में बच्चों के स्वास्थ्य और खुशी को बढ़ाता है और उनके समग्र कल्याण को बढ़ावा देता है।

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  • तुलसी का पौधा सबसे अच्छा संयंत्र वास्तु दोष दूर करने के लिए माना जाता है।
  • यदि आपके मुख्य प्रवेश द्वार पर बड़े पेड़ या नकारात्मक ऊर्जा हैं तो एक तुलसी लगाएं
  • बारिश के मौसम में, जब सर्दी, बुखार और डेंगू जैसी बीमारियों के संक्रमण फैलते हैं, इसकी पत्तियों का काढ़ा नियमित रूप से पीना शरीर को इन संक्रमणों से बचाता है। बुखार अधिक होने की स्थिति में मरीज़ को तुलसी की पत्तियों को दालचीनी के पाउडर के साथ आधा लीटर पानी में उबालना चाहिए और उसमें गुड़ और थोड़ा दूध मिलाकर मरीज को पिलाना चाहिए। इससे बुखार की तेजी से कम हो जाता है।
  • तुलसी अगर निमंन मात्रा में फायदकारक है तो हानि भी हो सकती है|
  • तुलसी में हमारे शरीर के खून को पतला करने की क्षमता है। और इसलिए इसे अन्य विरोधी थक्के दवाओं के साथ नहीं लिया जाना चाहिए।
  • एक गमले में एक पौधा तुलसी का तथा एक पौधा काले धतूरे का लगायें। इन दोनों पौधों पर प्रतिदिन स्नान आदि से निवृत होकर शुद्ध जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर अर्पित करें।  ऐसा करने से व्यक्ति को  ब्रहमा, विष्णु, महेश, इन तीनों की संयुक्त पूजा फल मिलता है।  क्योंकि तुलसी विष्णु प्रिया है,  काला धतूरा शिव रूप है एंव तुलसी की जड़ो में भगवान ब्रहमा का निवास स्थान माना गया है।
  • जो जातक रविवार, संक्रांति, ग्रहण को छोड़कर नित्य “ॐ तुलस्यै नमः॥” मन्त्र का जाप करते हुए सुबह तुलसी पर जल चढ़ाता है, एवं सांय को दीपक जलाता है उसे जीवन के सभी सुखो की प्राप्ति होती है, उसके पाप नष्ट होते है, पुरखो को स्वर्ग में स्थान मिलता है, सन्तान संस्कारी, आज्ञाकारी होती है, उसके घर से सभी संकट कोसो दूर रहते है । 
  •  तुलसी के पत्ते बहुत ही पवित्र माने जाते है । यह हमारे जल एवं भोजन को शुद्ध और पवित्र करते हैं। इसीलिए किसी भी सूर्य या चंद्र ग्रहण के समयजल एवं  भोजन में तुलसी के पत्ते डालें जाते हैं।
  • हमारे धर्म शास्त्रों के अनुसार इंसान की मृत्यु के बाद उस शव के मुख में तुलसी के पत्ते डाले जाते हैं। मान्यता है कि इससे मृतक को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
  •  अगर आपको लगता है कि लाख प्रयास के बाद भी आपका व्यापार उन्नति नहीं कर पा रहा है तो आप किसी भी गुरुवार को श्यामा तुलसी के चारो ओर उग आई खर पतवार को किसी पीले वस्त्र में बांधकर अपने व्यापार स्थल में किसी साफ जगह रख दें, व्यापार में गति आ जाएगी । 
  •  किसी भी शुभ मुहूर्त में तुलसी की जड़  लाएं । रविवार या गुरुवार को जब पुष्य नक्षत्र हो तो उस दिन उस जड़ को गंगा जल से धोकर, धूप दीप दिखाकर, तिलक लगाकर पूजा करके पीले कपड़े में लपेटकर अपने दाहिने हाथ में बांध लें इस आसान उपाय से व्यक्ति का तेज बढ़ता है, कार्यों में सफलता की सम्भावना बढ़ जाती है, अधिकारी वर्ग प्रसन्न रहता है।    
  • अगर किसी व्यक्ति की संतान बहुत ज्यादा जिद्दी हो, बड़ो का कहना ना मानती हो तो उसे घर के पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे के तीन पत्ते रविवार को छोड़कर प्रतिदिन किसी भी तरह अवश्य ही खिलाएं, सन्तान का व्यवहार सुधरने लगेगा । 
  • ऐसी भी मान्यता है कि यदि पूर्व दिशा में खिड़की के पास तुलसी का पौधा रखा जाए तो भी संतान आज्ञाकारी होती है। 
  • यह भी माना जाता है कि यदि आपकी कन्या का विवाह नहीं हो रहा हो तो कन्या तुलसी के पौधे को घर के दक्षिण-पूर्व में रखकर उसे नियमित रूप से जल अर्पण करें। इससे भी शीघ्र ही योग्य वर की प्राप्ति होती है ।
  •  तुलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी प्रेम, सामंजस्य बना रहता है। 
  • नवीन गृह में तुलसी का पौधा, देवता का चित्र, गौमूत्र, गंगाजल, और पानी का कलश लेकर घर के अंदर प्रवेश करना चाहिए । इससे घर में सदैव सुख शांति, प्रसन्नता का वातावरण बना रहता है, घर में धन की कभी भी कमी नहीं रहती है। 
  • घर से निकलने से पूर्व तुलसी के दर्शन करना बहुत ही शुभ एवं सफलता की निशानी माना जाता है। 
  • प्रतिदिन दही के साथ चीनी और तुलसी के पत्तों का सेवन करना बहुत ही शुभ माना गया है। तुलसी के पत्तों का घर से निकलते समय सेवन करने से कार्यों में कोई भी संकट नहीं आते है ।  
  • हिन्दु धर्मशास्त्रों में तुलसी के आठ नाम बताए गए हैं- वृंदा, वृंदावनि, विश्व पूजिता, विश्व पावनी, पुष्पसारा, नन्दिनी, तुलसी और कृष्ण जीवनी। सुबह तुलसी में जल चढ़ाते समय इनका नित्य नाम लेने जातक को जीवन में कोई भी संकट कोई आभाव नहीं रहता है । उसे सभी तरह के भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है । 
  •  तुलसी का पत्तों के नित्य सेवन करना बहुत ही पुण्यदायक लाभदायक माना जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि उसे दाँतों के बीच चबाना नहीं चाहिए।
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Rohitt Shah

Vastu Acharya & Master Numerologist

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Today I am doing dowsing of Numerology number 5 & 6 Bracelets.

Brief about Number 5: In Numerology this number represent Mercury (Budh) Planet. All those born on 5, 14 and 23 are number 5. This planet is known as Prince (RajKumar) and works as balancer. When everything is in balance we enjoy to the most. Very adaptable, sweet communicator, loves to be in company of all, Happy Go Lucky. Being in balanced they are very happy with what they have. They help in balancing negative impacts of bad planets.

Brief about Number 6: In Numerology this number represent Venus (Sukra) Planet. Today’s worlds is driven by this, represents Materialistic world. All those born on 6, 15 and 24 are number 6. Lord of Material gains, They loves beauty, travelling, material things, attracted to opposite sex, love to be in company of good things. Very much family oriented especially children. They can do well in Media world. Best number is 15 (Sun and Mercury combination).

Rohitt Shah (Vastu Acharya – Numero Vastu Guru)

Vastu Acharya, Master Numerologist, Bazi and Lal Kitab Consultant

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