Advertisements

Tag Archive: Prosperity


Why Chandni Chowk OR Tulsi Baug OR Oxford Street is so famous and most if not all big or small shopkeepers earns well and demands high rent? For that matter why only few street(s) in particular city have booming business irrespective of economic condition of country or in the world.  Here are the study of few such streets.

1. Chandani Chowk – Delhi
2. Oxford Street – London
3. Regents Street – London
4. Mayfair – London
5. Tulsi Baug – Pune
6. Laxmi Road – Pune

7. Boat Club Road – Pune

Why study of these streets only? Because I personally have visited these streets plus they been listed as most expensive or highly sought after areas.

Why so Successful: When you do gridding these street(s) with Shakti Chakra one will find entry aka roads coming from zone 3 and 4 or either of one. To reconfirm this theory we opened Google Earth and gridded the streets with Shakti Chakra and BINGO … 3 roads that are coming to Chandani Chowk all are from or either zone 3 OR 4. Similarly you will notice on other famous streets. See screen shots.
Entrances plays one of the very important role in prosperities of the areas and same can be true for house, shopping malls, residential project, factories and shop(s). Once you get right entrances then one can work on internal arrangements.  If your premise have wrong entrance then same can be close off with color or metal strip without blocking the In-Out function.
Mystic Solutions will be happy to provide consultancy to your projects or existing dwellings.
Mystic Solutions
Vastu, Numerology, Fengshui, BaZi profiling and Astro consultancy
+7776034447
+9049410786
Advertisements

We have designed adjustable Ring and Pendant of genuine Citrin stone @CitrinGemstone. Get at the best price. For further query please drop me a message or email me.

Citrine Uses and Purposes – Overview

(Courtesy: Crystalvaults.com)

Called The Merchant’s Stone for its properties of increase in the cashbox, sparkling yellow Citrine not only assists in acquiring wealth, but helps in maintaining it. [Melody, 209] It is a stone of abundance and manifestation, attracting wealth and prosperity, success and all things good. It also encourages generosity and sharing good fortune. [Hall, 118] Citrine assists in all fast money ventures, and is especially helpful in financial speculation and for commercial success. Carry one in the purse or wallet to attract money and stop excessive outflow. [Eason, 44]

As a professional support stone, Citrine improves interactions for all who work in sales, merchant banking, casinos, sports and fitness instruction, and the media. It is a fortifying crystal for medical personnel and healers, and increases productivity in governmental work. [Mella, 131-132][Eason, 89] Citrine strengthens the inner light and sparks creativity and imagination. It is ideal for artists of all kinds. [Megemont, 59-60]

Citrine is an excellent crystal for interpersonal relationships. It smooths family or group problems, and promotes solutions and cohesiveness.[Melody, 210] It also helps in understanding and dealing with absorbed impressions from those around us. [Gienger, 28]

Carrying a Citrine attracts love and happiness, and guards against those who would break your heart. It is also an effective shield against spite and jealousy. [Eason, 89]

The gift of a Citrine angel or sphere to a newborn brings intelligence, health, happiness, curiosity, confidence, and healing wisdom. [Eason, 89]

Natural Citrine tumblestones, placed where light catches them, clears unfriendly ghosts from an area. Sprinkle a Citrine elixir weekly to prevent the negative energies from returning. [Eason, 89]

Place in the wealth corner of your home or business, or in the cash box. Citrine fades in sunlight. [Hall, 119]

As per Lal Kitab how to get improve Nav Graha aka how one can get positive results from Nav Graha. Like Astrology, Lal Kitab also has same Nav Graha (Jupiter, Sun, Moon, Mars, Venus, Mercury, Saturn, Rahu and Ketu).

Here is what you need to do to get positive results of each Graha. Jap associated Mantra and one can also avoid wearing associated colours. In Lal Kitab one has to follow for 41 Days.

  1. Saturn: Jap Mantra of BHAIROV Dev or Chant Shani Chalisa, Color associated is Black.
  2. Rahu: Jap of Saraswati Devi Chalisa. Blue is the color associated with Rahu.
  3. Ketu: Jap of Ganesha Mantra. Black and White color.
  4. Mercury: Jap pf Maa Durga. Green Color.
  5. Mars: Jap of Lorn Hanuman – Chant Hanuman Chalisa. Red is the color.
  6. Venus: Jap of Maa LaxmiJi. Curdish White aka Off white.
  7. Moon: Lord Shiva Jap. Pure White.
  8. Sun: Lord Vishnu Jap. Copper color.
  9. Jupiter: Lord Brahma or Vishnu Jap. Yellow Color

 

Today is the auspicious day of Hanuman Jayanti which brings great prosperity and health to all. Here is small write up on this years Hanuman Jayanti and how one can benefit with Poojas.

11 अप्रेल को दुर्लभ एवं सिद्धिदायक योग, बजरंगबली पूर्ण करेंगे आपकी मनोकामना, करें ये उपाय

रामनवमी की ही तरह इस बार हनुमान जयंती पर भी दुर्लभ योग का निर्माण हो रहा है। चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाने वाली हनुमान जयंती 11 अप्रेल मंगलवार को विशेष योग के साथ मनाई जाएगी।

इस वर्ष रामनवमी भी मंगलवार को आई थी। मंगलवार को हनुमानजी का वार होने से इस दिन आराधना करने वालों को विशेष फल मिलेगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार हनुमान जयंती पर विशेष योग बन रहे है। खास बात यह है कि इस बार चार साल बाद संकट मोचन की जयंती चंद्रग्रहण से मुक्त मनेगी। चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 11 अप्रैल को पड़ रही हनुमान जयंती चित्रा नक्षत्र और राज योग के साथ मनाई जाएगी।

साथ ही शुक्र मीन राशि में उच्च का हो गए जिसकी सूर्य के साथ युति रहेगी। द्वितीय स्थान पर मेष राशि का मंगल शुभ फलदायी रहेगा। विशेष योग होने के कारण हनुमान जयंती भक्तों के लिए विशेष फलदायी रहेगी।

विदित हो कि 2013 से लगातार हनुमान जयंती पर चंद्रग्रहण के योग बन रहे थे लेकिन इस बार भ्रदा रहित और चंद्रग्रहण मुक्त रहेगी। इससे पूजा-अर्चना और आराधना में कोई संकट नहीं आएगा।

विशेष संयोगों के कारण इस दिन हनुमानजी की आराधना से श्रद्घालुओं की मनोकामना शीघ्र पूर्ण होगी। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य, शनि, राहु के दोषों के निवारण हेतु हनुमान आराधना विशेष मानी जाती है।

पूर्णिमा पर चित्रा नक्षत्र और राजयोग मिलने पर जयंती का आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ गया है। इसलिए इस दिन की गई साधना विशेष फलदायी होगी।

हनुमान जयंती Part II

  चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 11 अप्रैल मंगलवार को है। चूंकि मंगलवार को हनुमानजी का ही दिन माना जाता है इसलिए इस शुभ योग में यदि कुछ विशेष उपाय किए जाएं तो आपकी हर परेशानी दूर हो सकती है।

 ये उपाय इस प्रकार हैं-

 ऐसे चढाएं हनुमानजी को चोला

हनुमान जयंती (11 अप्रैल) पर हनुमानजी को चोला चढ़ाएं।

 हनुमानजी को चोला चढ़ाने से पहले स्वयं स्नान कर शुद्ध हो जाएं और साफ वस्त्र धारण करें। सिर्फ लाल रंग की धोती पहने तो और भी अच्छा रहेगा। चोला चढ़ाने के लिए चमेली के तेल का उपयोग करें। साथ ही, चोला चढ़ाते समय एक दीपक हनुमानजी के सामने जला कर रख दें। दीपक में भी चमेली के तेल का ही उपयोग करें।

चोला चढ़ाने के बाद हनुमानजी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र हनुमानजी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा छिटक दें। अब एक साबुत पान का पत्ता लें और इसके ऊपर थोड़ा गुड़ व चना रख कर हनुमानजी को भोग लगाएं। भोग लगाने के बाद उसी स्थान पर थोड़ी देर बैठकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र का जप करें। कम से कम 5 माला जप अवश्य करें।

मंत्र- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।

सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।

अब हनुमानजी को चढाए गए गुलाब के फूल की माला से एक फूल तोड़ कर, उसे एक लाल कपड़े में लपेटकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी में रखें। इससे धन संबंधी समस्या हल होने के योग बनने लगेंगे।

बड़ के पेड़ का उपाय

 मंगलवार की सुबह स्नान करने के बाद बड़ (बरगद) के पेड़ का एक पत्ता तोड़ें और इसे साफ स्वच्छ पानी से धो लें। अब इस पत्ते को कुछ देर हनुमानजी की प्रतिमा के सामने रखें और इसके बाद इस पर केसर से श्रीराम लिखें। अब इस पत्ते को अपने पर्स में रख लें। साल भर आपका पर्स पैसों से भरा रहेगा। अगली होली पर इस पत्ते को किसी नदी में प्रवाहित कर दें और इसी प्रकार से एक और पत्ता अभिमंत्रित कर अपने पर्स में रख लें।

घर में स्थापित करें पारद हनुमान की प्रतिमा 

अपने घर में पारद से निर्मित हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करें। पारद को रसराज कहा जाता है। पारद से बनी हनुमान प्रतिमा की पूजा करने से बिगड़े काम भी बन जाते हैं। पारद से निर्मित हनुमान प्रतिमा को घर में रखने से सभी प्रकार के वास्तु दोष स्वत: ही दूर हो जाते हैं, साथ ही घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। प्रतिदिन इसकी पूजा करने से किसी भी प्रकार के तंत्र का असर घर में नहीं होता और न ही साधक पर किसी तंत्र क्रिया का प्रभाव पड़ता है। यदि किसी को पितृदोष हो, तो उसे प्रतिदिन पारद हनुमान प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए। इससे पितृदोष समाप्त हो जाता है।

शाम को जलाएं दीपक 

हनुमान जयंती की शाम को समीप स्थित किसी हनुमान मंदिर में जाएं और हनुमानजी की प्रतिमा के सामने एक सरसों के तेल का व एक शुद्ध घी का दीपक जलाएं। इसके बाद वहीं बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। हनुमानजी की कृपा पाने का ये एक अचूक उपाय है। करें राम रक्षा स्त्रोत का पाठ सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी हनुमान मंदिर में जाएं और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। इसके बाद हनुमानजी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। जीवन में यदि कोई समस्या है, तो उसका निवारण करने के लिए प्रार्थना करें।

   🙏🙏🙏

%d bloggers like this: